अमृतसरः जापान की धरती पर भारतीय तिरंगा फहराने और एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने के बाद विजयी भारतीय हॉकी टीम पंजाब पहुंच गई है। टीम आज अमृतसर के श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरी, जहां खिलाड़ियों के स्वागत के लिए खास इंतजाम किए गए थे। अमृतसर में टीम के आगमन पर जश्न मनाया और खिलाड़ियों के चेहरों पर गोल्ड मेडल जीतने की खुशी साफ झलक रही थी।
भारतीय हॉकी टीम की शानदार जीत की अगुवाई टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने की, जो पंजाब के लिए गर्व की बात है। हरमनप्रीत सिंह ने कहा कि अब टीम के पास आने वाली बड़ी प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए लगभग दो साल का समय है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह समय टीम के लिए बहुत अहम है और जिन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है, उन पर काम करके भविष्य के टूर्नामेंट में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश की जाएगी।
उन्होंने बताया कि हालांकि टीम का पहले हाफ में दबदबा रहा, लेकिन दूसरे हाफ में कुछ छोटी-मोटी गलतियां हुईं; फिर भी, उन्होंने शानदार वापसी करते हुए मैच जीता। कप्तान ने युवा खिलाड़ियों की भी तारीफ की और कहा कि उनमें से कई के लिए यह पहला बड़ा टूर्नामेंट था। उन्होंने भारतीय महिला हॉकी टीम की जीत को भी देश के लिए गर्व की बात बताया।
टीम के एक अन्य सदस्य ने बताया कि मैच के दौरान एक समय गोल की बहुत जरूरत थी और जब मौका मिला, तो उसे गोल में बदलकर टीम को बढ़त दिलाई गई। खिलाड़ी ने कहा कि सेमीफाइनल जैसे हाई-प्रेशर मैचों में अक्सर ऐसी स्थितियां आती हैं, लेकिन टीम में आखिरी मिनट तक लड़ने और स्कोर करने का जज्बा है। ओलंपिक के लिए क्वालिफिकेशन पहले ही पक्का हो चुका है और टीम का अगला लक्ष्य ओलंपिक में मेडल जीतना है। खिलाड़ी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार के सहयोग को भी दिया।
वहीं दिलप्रीत सिंह की मां ने अपने बेटे और पूरी टीम की जीत पर खुशी जाहिर करते कहा कि यह उनके लिए बहुत गर्व का पल है कि खिलाड़ी खाली हाथ नहीं, बल्कि देश के लिए गोल्ड मेडल लेकर घर लौट रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरा परिवार लंबे समय बाद फिर से एक साथ हो रहा है, क्योंकि खिलाड़ी ट्रेनिंग कैंप और मैचों के लिए बाहर गए हुए थे। एक मां के तौर पर अपने बच्चों को पंजाब और पूरे देश का नाम रोशन करते देखकर जो गर्व महसूस होता है, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।
