चंडीगढ़: हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने बताया कि राज्य में अनुसंधान, तकनीकी प्रगति और नवाचार को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आधिकारिक तौर पर “हरियाणा पेटेंट समर्थन, व्यवसायीकरण एवं नवाचार सुविधा नीति 2026-27 के दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि यह नीति प्रदेश के सभी सरकारी तथा सरकारी सहायता प्राप्त (एडेड) महाविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों और राज्य विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों एवं शोधकर्ताओं के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य राज्य के युवाओं को केवल ज्ञान तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि उन्हें नए शोध और वैश्विक स्तर के पेटेंट विकसित करने के लिए प्रेरित करना है।
इस नीति के तहत, यदि कोई छात्र, शोधकर्ता या संस्थान अपने नवाचार का पेटेंट पंजीकृत कराता है, तो पंजीकरण शुल्क का 100 प्रतिशत (अधिकतम 50,000 रुपये तक) पुनर्भुगतान हरियाणा सरकार द्वारा किया जाएगा। महीपाल ढांडा ने बताया कि सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के उपरांत योजना से संबंधित विस्तृत मार्गदर्शिका जारी कर दी गई है और सभी संबंधित महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों को आवश्यक कार्रवाई आदेश प्रेषित कर दिए गए हैं।