चंडीगढ़: “नमो मैराथन में फरीदाबाद की धरती से नशे के खिलाफ आज हरियाणा की बुलंद आवाज उठी है।” मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को सूरजकुंड की ऐतिहासिक धरती से ‘नशा-मुक्त हरियाणा फरीदाबाद नमो मैराथन-2026’ को हरी झंडी दिखाते हुए यह बात कही। मैराथन में आगे बढ़ रहे ये कदम केवल सड़क पर दौड़ नहीं रहे, बल्कि नशे के खिलाफ प्रदेश की सामूहिक चेतना और संकल्प को आगे ले जा रहे हैं।

फरीदाबाद में आयोजित इस भव्य मैराथन में 1 लाख 35 हजार से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया और लगभग सभी पंजीकृत प्रतिभागी मैराथन में भाग लेने के लिए पहुंचे। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता ने सूरजकुंड को नशामुक्ति के सामूहिक संकल्प की विराट तस्वीर में बदल दिया।
दूरी अलग-अलग, लेकिन मंजिल एक—नशामुक्त हरियाणा
मैराथन में 21 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर की विभिन्न श्रेणियों मेंप्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। किसी की दूरी अलग थी, किसी की गति अलग थी और उम्र भी अलग-अलग थी, लेकिन सभी की मंजिल एक थी—नशामुक्त हरियाणा।

नायब सिंह सैनी ने मैराथन में शामिल प्रतिभागियों पर पुष्प वर्षा कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा की पहचान पसीना, पदक और पराक्रम है। हरियाणा का युवा नशे से नहीं, बल्कि मेहनत, प्रतिभा और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण से पहचाना जाता है। उन्होंने युवाओं से नशे को दृढ़ता से ‘ना’ कहने का आह्वान किया।
मैराथन के दौरान सूरजकुंड परिसर देशभक्ति और सामाजिक संकल्प की भावना से ओत-प्रोत नजर आया। ‘भारत माता की जय’ के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा। हजारों-लाखों कदम एक साथ आगे बढ़ते हुए स्वस्थ समाज, नशामुक्त युवा और सशक्त राष्ट्र का संदेश दे रहे थे।
युवाओं का जोश, महिलाओं का उत्साह और बुजुर्गों की सक्रिय भागीदारी आयोजन की विशेष पहचान बनी। मैराथन के माध्यम से लोगों ने नियमित व्यायाम, शारीरिक सक्रियता और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।