शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश की सड़क संरचना को सुदृढ़ करने के लिए व्यवस्थित एवं समग्र दृष्टिकोण से निरंतर प्रयासरत है। सरकार द्वारा सड़कों में सुरक्षा, आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण रखरखाव तथा सड़क परिसंपत्तियों के संरक्षण पर विशेष बल दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने सड़कों की दीर्घकालिक स्थिरता के लिए फरवरी 2026 में सड़क जल निकासी नीति स्वीकृत की है।
पहाड़ी क्षेत्रों में पानी को सड़कों के क्षतिग्रस्त होने का एक प्रमुख कारण मानते हुए इस नीति में सड़क योजना एवं डिजाइन का अभिन्न हिस्सा जल निकासी व्यवस्था को बनाया गया है। वर्षा की तीव्रता और जलग्रहण क्षेत्र की विशेषताओं के आधार पर जल निकासी संरचनाओं की योजना बनाई जा रही है। दैनिक सड़क प्रबंधन में भी आधुनिक तकनीक को शामिल किया जा रहा है। इसके लिए एक केंद्रीकृत रोड स्टेटस इन्फॉर्मेशन सिस्टम विकसित करने की परिकल्पना की गई है, जिसके माध्यम से विशेषकर मानसून और आपदा की स्थिति में सड़कों के बंद होने, बहाली और संपर्क की स्थिति से संबंधित जानकारी उपलब्ध करवाई जा सकेगी।
इन पहलों के माध्यम से हिमाचल प्रदेश सड़क प्रबंधन की एक अधिक रोकथाम-आधारित, समन्वित और आधुनिक व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। बेहतर सड़क संपर्क, प्रभावी जल निकासी, सड़क सुरक्षा, डिजिटल निगरानी और आधुनिक रखरखाव की तकनीकों को एकीकृत करते हुए राज्य सरकार का लक्ष्य एक ऐसा सड़क नेटवर्क तैयार करना है, जो अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय, स्थायी और प्राकृतिक आपदाओं के प्रति अधिक मजबूत हो।