चण्डीगढ: पानीपत सहकारी चीनी मिल डाहर ने तकनीकी दक्षता के क्षेत्र में देशभर में अपनी अलग पहचान कायम करते हुए इतिहास रच दिया है। वर्ष 2025-26 के पेराई सत्र में शानदार प्रदर्शन के आधार पर मिल को राष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी दक्षता का प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया है।
नई दिल्ली स्थित डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में मंगलवार को आयोजित राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में सहकारिता मंत्री डा. अरविन्द शर्मा, उपायुक्त एवं पानीपत सहकारी चीनी मिल के अध्यक्ष डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के हाथों यह प्रतिष्ठित पुरस्कार ग्रहण किया। लगभग 94.61 प्रतिशत क्षमता उपयोग के साथ मिली इस उपलब्धि से जिले का गौरव बढ़ा है।
वर्ष 2025-26 के पेराई सत्र के दौरान मिल ने 61.50 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की तथा 5.62 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया। मिल ने इस दौरान बिजली का उत्पादन कर करीब 29 करोड़ रुपये की बिजली की बिक्री भी की। तकनीकी दक्षता और क्षमता के बेहतर उपयोग के चलते मिल को राष्ट्रीय स्तर पर यह सम्मान हासिल हुआ है।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि पानीपत के लिए आज का दिन विशेष महत्व रखता है। सहकारी चीनी मिल डाहर को राष्ट्रीय स्तर पर मिला यह सम्मान पूरे जिले के लिए गौरव की बात है। उन्होंने मिल के अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। साथ ही उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का भी विशेष रूप से आभार प्रकट किया।