नई दिल्ली: कनाडा में वर्क परमिट पर काम कर रहे विदेशी युवक-युवतियां अब 6 महीने तक बिना स्टडी परमिट के पढ़ाई कर सकेंगे। इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज एंड सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) ने 9 सितंबर 2026 को इस नई अस्थायी पॉलिसी की घोषणा की है। इसका मकसद कनाडा में पहले से मौजूद टेंपरेरी वर्कर्स को जरूरी स्किल, लाइसेंसिंग और ट्रेनिंग हासिल करने का मौका देना है, ताकि वे लेबर की जरूरत वाले क्षेत्रों में ज्यादा योगदान दे सकें। इस फैसले से कनाडा में वर्क परमिट पर काम कर रहे करीब 3 लाख भारतीयों को फायदा हो सकता है। इनमें करीब डेढ़ लाख पंजाबी हैं। वहीं इसके जरिए कनाडा में परमानेंट सिटीजनशिप यानी PR में भी मदद मिलेगी।
नई पॉलिसी के तहत पात्र वर्क परमिट होल्डर्स 6 महीने तक या उनके वर्क परमिट की वैधता खत्म होने तक जो भी पहले हो, वह बिना स्टडी परमिट पढ़ाई कर सकेंगे। इसका फायदा 6 महीने या उससे कम अवधि वाले शॉर्ट-टर्म लाइसेंसिंग, एजुकेशन और ट्रेनिंग प्रोग्राम में लिया जा सकेगा। IRCC के मुताबिक, इससे ऐसी पढ़ाई के लिए अलग स्टडी परमिट लेने की अतिरिक्त प्रक्रिया से राहत मिलेगी। युवा नौकरी के साथ पढ़ाई कर सकेंगे, जिससे आय जारी रहेगी और परिवार पर आर्थिक बोझ भी कम पड़ेगा। नहीं, यह सुविधा फुल-टाइम स्टडी के लिए नहीं है। उसके लिए स्टडी परमिट की जरूरत बनी रहेगी। यानी नई पॉलिसी का फायदा मुख्य रूप से छोटी अवधि के उन कोर्स, ट्रेनिंग और लाइसेंसिंग प्रोग्राम में मिलेगा जो 6 महीने या उससे कम अवधि के हैं।
IRCC ने नई पॉलिसी में खास तौर पर ट्रेड्सपर्सन, नर्स और लैबोरेटरी टेक्नीशियन का उल्लेख किया है। इन क्षेत्रों में काम करने वाले योग्य वर्क परमिट होल्डर्स नौकरी जारी रखते हुए अपनी स्किल अपग्रेड कर सकेंगे। इससे हेल्थकेयर, होम बिल्डिंग और दूसरे जरूरी क्षेत्रों में कुशल वर्कफोर्स तैयार करने में मदद मिलने की उम्मीद है। पहले ऐसे स्टडी परमिट के लिए अलग आवेदन, बैंक स्टेटमेंट, ऑफर लेटर और मेडिकल रिपोर्ट जमा करने पड़ते थे। प्रोसेसिंग में हफ्तों से महीनों का इंतजार लगता था। बीच में नौकरी प्रभावित होने का डर रहता था। अब ये सारी औपचारिकताएं खत्म हो गई हैं।
नहीं, इस नई व्यवस्था का बड़ा फायदा यह है कि कामगारों को छोटी अवधि की ट्रेनिंग या लाइसेंसिंग के लिए अपनी मौजूदा नौकरी छोड़ने की जरूरत नहीं होगी। IRCC का कहना है कि यह सुविधा टेंपरेरी वर्कर्स को काम करते हुए इन-डिमांड स्किल हासिल करने में मदद करेगी। इससे वे सार्वजनिक सेवाओं, घरों के निर्माण और दूसरे जरूरी प्रोजेक्ट्स में ज्यादा प्रभावी ढंग से योगदान दे सकेंगे।
पहले छोटी अवधि की पढ़ाई के लिए पात्रता के हिसाब से स्टडी परमिट की जरूरत पड़ सकती थी। नई पॉलिसी का उद्देश्य इस अतिरिक्त प्रशासनिक प्रक्रिया को हटाना है। अब योग्य वर्क परमिट होल्डर्स को 6 महीने या उससे कम अवधि की पात्र पढ़ाई के लिए अलग स्टडी परमिट आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। इससे आवेदन और प्रोसेसिंग की अतिरिक्त प्रक्रिया से समय बच सकता है। नई पॉलिसी सीधे PR नहीं देती। हालांकि, कनाडा में पहले से मौजूद वर्कर्स को अपनी स्किल और योग्यता बढ़ाने का मौका मिलने से वे भविष्य में कनाडा के आर्थिक इमिग्रेशन और PR के लिए अपनी प्रोफाइल मजबूत कर सकते हैं।
कनाडा सरकार की इमिग्रेशन नीति भी पहले से देश में मौजूद ऐसे लोगों को PR की ओर आगे बढ़ाने पर ध्यान दे रही है, जिनके पास जरूरी स्किल और अनुभव है। 2026-2028 के इमिग्रेशन प्लान में सरकार ने 2026 और 2027 के दौरान 33,000 तक टेंपरेरी वर्कर्स को PR में ट्रांजिशन कराने की योजना भी बताई है। हालांकि, सिर्फ इस पॉलिसी के तहत कोई कोर्स करने से PR या एक्सप्रेस एंट्री के अतिरिक्त अंक अपने-आप नहीं मिलेंगे। PR के लिए संबंधित इमिग्रेशन प्रोग्राम की अलग पात्रता पूरी करनी होगी। इस सुविधा के तहत बिना स्टडी परमिट किए गए कोर्स के आधार पर पोस्ट ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) का अधिकार नहीं मिलेगा।
इसलिए इसे इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के लिए PGWP हासिल करने का नया रास्ता नहीं माना जा सकता। IRCC ने कहा है कि वह इस हफ्ते से पात्र वर्क परमिट होल्डर्स को सूचित करना शुरू करेगा कि वे नई व्यवस्था के तहत पढ़ाई कर सकते हैं। यह अस्थायी पॉलिसी 31 दिसंबर 2027 तक लागू रहेगी। IRCC ने साफ किया है कि यह पॉलिसी वर्कर्स को कनाडा आने के लिए कोई नया इमिग्रेशन या वर्क परमिट रास्ता नहीं देती। यह सुविधा उन टेंपरेरी वर्कर्स के लिए है जो पहले से कनाडा में हैं और वैध वर्क परमिट रखते हैं। सरकार का उद्देश्य मौजूदा वर्कफोर्स की क्षमता बढ़ाकर लेबर मार्केट की जरूरतों को पूरा करना है।