नई दिल्लीः भारत के 3 राज्यों में एक के बाद एक करके भूकंप के झटके महसूस किए गए। इतना ही नहीं, भारत के पड़ोस तिब्बत से लेकर अफगानिस्तान तक में भूकंप आया है। दरअसल, देर रात को सबसे पहले लेह-लद्दाख में भूकंप आया। इसके बाद असम और बंगाल में भी धरती हिली। इसके बाद तिब्बत और अफगानिस्तान में भी भूकंप दर्ज किया गया। हालांकि,इनमें से किसी भी भूकंप की तीव्रता ऐसी नहीं थी, जिसे बेहद शक्तिशाली कहा जाए। फिर भी लगातार अलग-अलग जगहों पर भूकंप आने से लोगों के बीच चिंता जरूर बढ़ी। सबसे पहले भारत के केंद्र शासित राज्य लद्दाख के लेह में भूकंप आया। लेह में रात करीब 12 बजकर 27 मिनट पर धरती हिली। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.7 दर्ज की गई। इसकी गहराई जमीन के अंदर करीब 12 किलोमीटर थी। भूकंप के झटकों से लोगों की नींद खुल गई। लोग घरों से बाहर की ओर डरकर भागते दिखे। राहत की बात है कि किसी जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।
इसके कुछ समय बाद ही असम में भी भूकंप आया। शुक्रवार तड़के करीब 1 बजकर 20 मिनट पर असम में 3.1 तीव्रता का झटका दर्ज किया गया। इसकी गहराई धरती से करीब 39 किलोमीटर थी। भूकंप के झटकों ने लोगों की नींद उड़ा दी। लोग घबराकर नींद से उठे और घरों से बाहर की ओर भागे। यहां बताना जरूरी है कि 3.1 तीव्रता का भूकंप सामान्य तौर पर हल्की श्रेणी में माना जाता है। ऐसे झटकों से आमतौर पर बड़े नुकसान की आशंका कम रहती है।
इसके बाद भारत की सीमा के बाहर भूकंप ने अपने तेवर दिखाए। तिब्बत से बीते दिनों नेपाल में तबाही आई, उसी तिब्बत में फिर भूकंप आया। शुक्रवार तड़के करीब 4 बजकर 2 मिनट पर तिब्बत में 4.7 तीव्रता का भूकंप आया। इसकी गहराई करीब 30 किलोमीटर बताई गई। राहत की बात यह है कि तिब्बत में आए इस भूकंप से अब तक कोई जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है। वहीं, पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर 3.0 तीव्रता रही।
इसके करीब 18 मिनट बाद भारत के एक और पड़ोसी देश अफगानिस्तान में भी भूकंप दर्ज किया गया। अफगानिस्तान में शुक्रवार सुबह करीब 4 बजकर 20 मिनट पर भूकंप आया। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 3.5 मापी गई। इसकी गहराई करीब 163 किलोमीटर थी। इतनी अधिक गहराई पर आने वाले भूकंप का सतह पर असर कई बार अपेक्षाकृत कम हो सकता है। राहत की बात है कि यहां भी अभी तक नुकसान की कोई खबर नहीं है। यहां ध्यान देने वाली बात है कि इन भूकंप के झटकों ने लोगों को डरा जरूर दिया है।