चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार ने दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए शुरू की है और इस योजना का लाभ लेने वाली अथवा इसके लिए पंजीकरण करवाने वाली किसी भी माता-बहन को किसी भी अन्य सरकारी योजना के लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि कुछ विपक्षी दलों के नेता महिलाओं के बीच यह भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं कि यदि महिलाओं ने लाडो लक्ष्मी योजना के लिए पंजीकरण किया तो उनके अन्य पेंशन जैसे लाभ बंद हो जाएंगे लेकिन इस बात में कोई सच्चाई नहीं है।
लाडो लक्ष्मी योजना के लिए पंजीकरण करवाने अथवा इस योजना का लाभ लेने वाली सभी माताओं-बहनों को अन्य सभी योजनाओं के लाभ पहले की तरह ही मिलते रहेंगे। चुनाव से पहले उनके द्वारा लिए गए 217 संकल्पों में यह एक संकल्प भी शामिल था कि सरकार बनते ही गरीब परिवारों की माताओं-बहनों को प्रतिमाह 2100 रुपये की आर्थिक मदद शुरू की जाएंगी। सरकार बनने के बाद पहले ही बजट में उन्होंने इस योजना के लिए 5000 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया और 1 लाख रुपये प्रतिवर्ष आमदनी वाले परिवारों की माताओं-बहनों को 2100 रुपये देने शुरू किए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब सरकार ने निर्णय लिया है कि इस योजना में 1.80 लाख रुपये सालाना आमदनी वाले परिवारों की माताओं-बहनों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही रजिस्ट्रेशन पोर्टल खोला जाएगा। दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली योजना नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की महिलाओं के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने का माध्यम भी है। सरकार का प्रयास है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को सहायता का लाभ सीधे तौर पर मिले। किसी भी परिवार की आर्थिक मजबूती में महिला की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।