चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा की युवा शक्ति प्रदेश के विकास और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और सामर्थ्य को सही दिशा देना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री सोमवार को पंचकूला स्थित पंचकमल प्रदेश भाजपा कार्यालय में भाजपा युवा मोर्चा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष अक्षित दहिया के पदभार ग्रहण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अक्षित दहिया को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में युवा मोर्चा प्रदेश के युवाओं के बीच संगठन की पहुंच को और मजबूत करेगा।
युवा केवल भविष्य नहीं, वर्तमान के निर्माता
नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज का युवा केवल भविष्य की उम्मीद नहीं, बल्कि वर्तमान के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के युवाओं को स्टार्टअप, कौशल विकास, नई तकनीक, उद्यमिता और रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।

राज्य सरकार का निरंतर प्रयास है कि युवाओं को रोजगार, कौशल विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, खेल सुविधाओं और स्वरोजगार के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जाए। युवाओं की प्रतिभा को अवसर देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
हर बूथ पर युवाओं से संवाद का आह्वान
युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे हर बूथ तक पहुंचकर युवाओं से संवाद करें और उन्हें राष्ट्र निर्माण की सकारात्मक सोच से जोड़ें। युवा मोर्चा को ऐसे युवाओं तक भी पहुंचना चाहिए, जो अभी राजनीति से दूर हैं। लोकतंत्र में युवाओं की सक्रिय भागीदारी देश और समाज को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
सेवा और संगठन भाजपा की पहचान
भाजपा का कार्यकर्ता केवल चुनाव के समय ही नहीं, बल्कि हर परिस्थिति में समाज के साथ खड़ा रहता है। सेवा और संगठन भाजपा की कार्यसंस्कृति की पहचान हैं। युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को अपनी पहचान केवल राजनीतिक गतिविधियों से नहीं, बल्कि सेवा और सामाजिक सरोकारों के माध्यम से भी बनानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि भाजपा में कोई भी पद केवल सम्मान नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का प्रतीक है। पार्टी की कार्यसंस्कृति में पद का अर्थ है— अधिक सेवा, अधिक परिश्रम और अधिक जिम्मेदारी। उन्होंने कहा कि भाजपा की यही विशेषता है कि साधारण परिवार से आने वाला मेहनती कार्यकर्ता भी अपनी क्षमता, परिश्रम और समर्पण के बल पर संगठन में महत्वपूर्ण दायित्व तक पहुंच सकता है।