चंडीगढ़: हरियाणा में वित्तीय धोखाधड़ी और साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। साथ ही, वित्तीय जागरूकता, निवेशक संरक्षण और विभिन्न संस्थाओं के बीच समन्वय को और मजबूत किया जाएगा। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की राज्य स्तरीय समन्वय समिति (एसएलसीसी) की 16वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में वित्तीय धोखाधड़ी के बदलते स्वरूप, उभरते साइबर खतरों तथा तकनीक आधारित सुरक्षा उपायों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि पीएसीएल लिमिटेड मामले में 36 लाख से अधिक निवेशकों को कुल 3,864 करोड़ रुपये की राशि वापस की जा चुकी है। आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि अनियमित वित्तीय गतिविधियों से संबंधित शिकायतों और बाजार खुफिया सूचनाओं के लिए महत्वपूर्ण ‘सचेत’ पोर्टल का 25 जून, 2026 को नया संस्करण शुरू किया गया है।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को ‘सचेत’ पोर्टल के संबंध में आम जनता के बीच व्यापक जागरूकता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समिति ने हरियाणा से पोर्टल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की स्थिति की भी समीक्षा की।