पीड़ितों ने उच्च अधिकारियों से लगाई इंसाफ की गुहार
जालंधरः महानगर के बस्ती बावा खेल इलाके के राजा गार्डन से एक गंभीर मामला सामने आया है। जहां एक परिवार ने आरोप लगाया है कि करीब 25 लोग जबरन उनके घर में घुस आए और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट व बदसलूकी की। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि इस दौरान महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया, एक साल के मासूम बच्चे को भी उठाकर बेड पर फेंक दिया गया। परिवार ने सोने के गहने और नकदी छीनने का भी आरोप लगाया है।
20 अगस्त को घर में घुसने का आरोप
शिकायतकर्ता वरिंदर सिंह, निवासी मकान नंबर 322, राजा गार्डन, बस्ती बावा खेल ने बताया कि यह घटना 20 अगस्त की दोपहर करीब 2 बजे हुई। वरिंदर सिंह के अनुसार, मनजीत कौर, सोनिया प्रधान, लकी संधू और रंजीत कौर उर्फ राणो अपने साथ करीब 25 अन्य लोगों को लेकर उनके घर में जबरन घुस आए। उस समय घर में परिवार की महिलाएं और छोटे बच्चे मौजूद थे।
महिलाओं के साथ मारपीट और बदसलूकी का आरोप
पीड़ित परिवार का आरोप है कि घर में घुसने के बाद आरोपियों ने महिलाओं के साथ मारपीट की और उनके कपड़े तक फाड़ दिए। परिवार के सदस्यों ने जब इसका विरोध किया तो कथित तौर पर उनके साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की गई।
परिवार का आरोप है कि बीच-बचाव करने पहुंची स्वाति की गोद से एक साल के बच्चे को जबरन छीन लिया गया। इसके बाद बच्चे को बेड पर फेंक दिया गया। परिवार ने आरोप लगाया कि बच्चे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
सोने के गहने और नकदी छीनने का आरोप
पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि घर में मौजूद महिला रेखा की सोने की बालियां छीन ली गईं। इसके अलावा परिवार के अन्य सोने के गहने और नकदी भी जबरन ले जाने का आरोप लगाया गया है। परिवार का कहना है कि इस घटना से घर में काफी डर का माहौल बन गया और छोटे बच्चों समेत सभी परिवार के सदस्य सहम गए।
मकान को लेकर चल रहा है विवाद
वरिंदर सिंह के मुताबिक, जिस मकान में परिवार रहता है, उसकी रजिस्ट्री उनकी पत्नी सरबता के नाम पर है। उनका आरोप है कि मनजीत कौर का उनके रिश्तेदार के साथ पारिवारिक और कोर्ट विवाद चल रहा है।
परिवार के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच भरण-पोषण से जुड़ा CRPC 125 का मामला भी अदालत में लंबित है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इसी विवाद के चलते मनजीत कौर उनके मकान के एक कमरे पर कब्जा करके बैठी हुई है और कमरा खाली नहीं कर रही।
पुलिस पर भी गंभीर आरोप
इस मामले में पीड़ित परिवार ने बस्ती बावा खेल थाना पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। परिवार का आरोप है कि हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने उल्टा पीड़ित परिवार और घर की महिलाओं को देर रात तक थाने में बैठाए रखा। परिवार ने पुलिस अधिकारियों पर दुर्व्यवहार करने और मामले में एकतरफा कार्रवाई करने का भी आरोप लगाया है। हालांकि, पुलिस की ओर से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
झूठे केस में फंसाने का डर
पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरोपी पक्ष उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दे रहा है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उन पर दबाव बनाकर बड़ी रकम ऐंठने की कोशिश की जा रही है।
उच्च अधिकारियों से लगाई इंसाफ की गुहार
पीड़ित परिवार ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिवार की मांग है कि घर में घुसकर मारपीट, महिलाओं से बदसलूकी, बच्चे के साथ कथित तौर पर की गई मारपीट, गहने और नकदी छीनने तथा मकान पर कब्जे के आरोपों की जांच की जाए। परिवार ने मांग की है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें सुरक्षा व इंसाफ दिया जाए।

