जालंधर, ENS: शहर में 15 वर्षीय नाबालिग लड़की का कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड तैयार करवाकर उसका विवाह किसी अन्य व्यक्ति से कराने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि लड़की 26 जुलाई को घर से चली गई थी। इसके बाद परिजनों को पता चला कि उसकी उम्र छिपाने के लिए कथित तौर पर जाली पहचान पत्र तैयार करवाया गया और उसी के आधार पर उसका विवाह करा दिया गया। परिवार के मुताबिक उन्हें न तो इस पूरी प्रक्रिया की पहले से कोई जानकारी थी और न ही शादी के लिए उनकी सहमति ली गई।
परिजनों का कहना है कि लड़की की वास्तविक उम्र 15 वर्ष है, जबकि कथित तौर पर तैयार किए गए फर्जी आधार कार्ड में उसकी उम्र अलग दर्शाकर दस्तावेजों का इस्तेमाल विवाह के लिए किया गया। मामले में आरोपी पक्ष की ओर से कोर्ट मैरिज किए जाने का दावा किए जाने की बात भी सामने आ रही है। हालांकि, लड़की के बयान दर्ज होने और उससे बातचीत के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पूरी घटना की वास्तविक स्थिति क्या है और विवाह किन परिस्थितियों में कराया गया।
पीड़ित परिवार के साथ सामाजिक प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए हैं तो उन्हें बनाने और इस्तेमाल करने वालों के साथ-साथ नाबालिग का विवाह कराने में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच की जानी चाहिए। परिवार और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने, नाबालिग की उम्र छिपाने और कथित तौर पर विवाह कराने में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।

