नई दिल्लीः इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने बुधवार को स्पष्ट रूप से कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के संघर्षविराम (सीजफायर) का समझौता लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल की चल रही कार्रवाई पर लागू नहीं होगा। इससे साफ हो गया है कि लेबनान में इजरायली बलों की जंग जारी रहेगी। नेतन्याहू कार्यालय की आधिकारिक घोषणा में कहा कि इजरायल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर दो हफ्ते के लिए हमले स्थगित करने के फैसले का समर्थन करता है, बशर्ते ईरान तुरंत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोल दे और अमेरिका, इजराइल और क्षेत्र के अन्य देशों पर सभी हमले बंद कर दे।
जिसके बाद लेबनान के टायर में इजरायल ने हमला करते हुए एम्बुलेंस को निशाना बनाया है। उन्होंने बयान ने कहा कि इजरायल अमेरिका के उन प्रयासों का भी समर्थन करता है, जिनसे ये सुनिश्चित किया जा सके कि ईरान अब अमेरिका, इजरायल, ईरान के पड़ोसी अरब देशों और दुनिया के लिए परमाणु, मिसाइल और आतंकी खतरा न रहे।
बता दें कि इससे पहले मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की थी कि ईरान के साथ दो हफ्ते के लिए हमलों को स्थगित कर दिया गया है, बशर्ते ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तुरंत और सुरक्षित रूप से खोल दे तथा क्षेत्र में सभी हमले बंद कर दे। ये फैसला पाकिस्तान के माध्यम से हुई मध्यस्थता के बाद आया, जब ट्रंप ने ईरान पर बड़े हमलों की धमकी दी थी। ट्रंप ने लिखा, ‘हमने पहले ही अपने सैन्य उद्देश्यों को पूरा कर लिया है और पार किया है। ईरान से हमें 10-सूत्रीय प्रस्ताव मिला है, जिसे हम स्थायी समझौते के लिए काम करने योग्य आधार मानते हैं।’ ट्रंप ने कहा कि यह दो तरफा सीजफायर होगा और इससे मध्य पूर्व में लंबे समय तक शांति की दिशा में प्रगति हो सकेगी।
इसके बाद ईरानी विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने सीजफायर की पुष्टि करते हुए घोषणा की कि ईरान की सशस्त्र सेना दो हफ्ते के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित मार्ग प्रदान करेगी। ईरान ने अमेरिका के 15-सूत्रीय प्रस्ताव पर बातचीत की इच्छा जताई है। अराघची ने स्पष्ट किया कि समन्वय के साथ तकनीकी सीमाओं को ध्यान में रखते हुए कमर्शियल जहाजों को रास्ता दिया जाएगा। ईरान तभी शांत रहेगा, जब उस पर कोई हमला नहीं किया जाएगा।
