इंफाल: मणिपुर के तामेंगलोंग जिले में हुई हिंसा में 2 महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी और एक गांव के बाहर कुछ फार्महाउस जला दिए गए। मृतकों की पहचान 60 वर्षीय चोंगा सिथलौ और 30 वर्षीय किंबोई सिंगसन के तौर पर हुई है। स्थानीय लोगों का दावा है कि गांव के कई लोग अब भी लापता हैं। ऐसा माना जा रहा कि इन घटनाओं को उग्रवादियों ने अंजाम दिया। यह घटना तामेंगलोंग और नोनी जिलों में दो महिलाओं समेत चार लोगों की गोली मारकर हत्या किए जाने के दो दिन बाद हुई है।
अधिकारियों ने कहा कि स्थानीय लोगों ने उन्हें बताया कि हथियारबंद उग्रवादियों ने कुकी समुदाय की दो महिलाओं की तब गोली मारकर हत्या कर दी, जब वे लेइसंगफाई गांव के अंदर एक सुनसान खेत में जलावन की लकड़ी इकट्ठा करने गई थीं। एक अधिकारी ने बताया कि आधुनिक हथियारों से लैस बड़ी संख्या में उग्रवादियों ने मंगलवार रात करीब 10.30 बजे चावांगकिनिंग नागा गांव पर हमला किया। यह हमला तमेंगलोंग जिले के लेइसंगफाई में दो कुकी महिलाओं की गोली मारकर हत्या किए जाने के कुछ घंटों बाद हुआ। उन्होंने बताया कि पास के इलाके में तैनात सीआरपीएफ जवानों ने जवाबी कार्रवाई की। अधिकारी ने कहा, ‘बुधवार सुबह 4.30 बजे तक करीब छह घंटे तक रुक-रुक कर गोलीबारी होती रही।
सीआरपीएफ ने जवाबी फायरिंग की और उग्रवादियों को गांव में घुसने से रोका।’ उन्होंने बताया कि हालांकि, गांव की सीमा पर बने लकड़ी के दो घर जल गए। गांव के रहने वाले डेनियल चारेनामाई ने कहा, ‘हमारे गांव पर रात करीब 10.30 बजे हमला हुआ और सुबह 4 बजे तक गोलीबारी जारी रही। हमारे गांव में तैनात सीआरपीएफ ने जवाबी फायरिंग की और गांव पर कब्जा होने से बचाया।’ वरिष्ठ नागा नेता और नागा पीपल्स फ्रंट के विधायक अवांगबोउ न्यूमाई ने बुधवार को चावांगकिनिंग में दो महिलाओं की हत्या और घरों को जलाए जाने की निंदा की। न्यूमाई ने एक बयान में कहा, ‘इस तरह की बर्बर और बेमतलब की हरकतें किसी भी समुदाय के लिए कभी कुछ अच्छा नहीं लाएंगी।’