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जमीन के दस्तावेजों पर फर्जी पहचान बनाकर आरोपी की जमानत कराने के मामले में 2 गिरफ्तार, देखें वीडियो

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पंचकूलाः अदालत में फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर गंभीर आपराधिक मामलों के आरोपियों को जमानत दिलाने वाले गिरोह के खिलाफ पंचकूला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने एक निर्दोष व्यक्ति के नाम और उसकी जमीन की जमाबंदी का दुरुपयोग करते हुए फर्जी आधार कार्ड, शपथ पत्र, फोटो व अन्य दस्तावेज तैयार किए और उनके आधार पर एनडीपीएस एक्ट के एक आरोपी की जमानत करवाई। मामले में गिरोह के अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

पंचकूला के सैक्टर-1 चौकी में मिली शिकायत के आधार पर थाना सैक्टर-7 में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 406, 420, 465, 466, 468, 471 व 120-बी के तहत मामला दर्ज किया गया। सैक्टर-7 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजबीर के अनुसार शिकायत में बताया गया कि एक एनडीपीएस मामले में आरोपी बबली के लिए मोहन सिंह नामक व्यक्ति के नाम पर जमानत दाखिल की गई थी। बाद में जब अदालत में जमानतदार को तलब किया गया तो वास्तविक मोहन सिंह ने उपस्थित होकर स्पष्ट किया कि उसने कभी किसी आरोपी की जमानत नहीं दी तथा उसके नाम से लगाए गए शपथ पत्र, फोटो और अन्य दस्तावेज पूरी तरह फर्जी हैं। केवल उसकी जमीन की जमाबंदी का दुरुपयोग किया गया है।

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अदालत से जमानत संबंधी अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां प्राप्त कीं व विभिन्न क्षेत्रों में आरोपियों की तलाश की। वास्तविक मोहन सिंह को जांच में शामिल कर उसके बयान दर्ज किए गए, जिसमें उसने बताया कि उसकी जमीन की जमाबंदी का इस्तेमाल कर फर्जी आधार कार्ड तैयार किया गया था। जांच के दौरान आरोपी की पहचान के लिए फोटो विभिन्न न्यायालयों में भी दिखाई गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में आरोपी की पहचान बालकृष्ण निवासी अंबाला के रूप में हुई।

लगातार जांच के आधार पर सैक्टर-1 चौकी इन्चार्ज सब इंस्पेक्टर राममेहर सिंह की अगुवाई में जांच अधिकारी एएसआई राजीव कुमार ने टीम की मदद से 7 जुलाई 2026 को पुलिस ने बालकृष्ण निवासी अंबाला तथा अरविंद कुमार निवासी अंबाला को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने बताया कि फर्जी जमानत के लिए इस्तेमाल किए गए दस्तावेज अन्य व्यक्ति द्वारा तैयार करवाए गए थे।

डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने बताया कि पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे षड्यंत्र में कई लोग शामिल थे और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से अदालत को गुमराह कर आरोपी को जमानत दिलाने का प्रयास किया गया। पुलिस अब मुख्य आरोपी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। गिरफ्तार आरोपी बालकृष्ण को 1 दिन कापुलिस रिमांड पर लेकर आगे पूछताछ की जा रही है, जबकि दूसरे आरोपी अरविंद कुमार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है तथा पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर सभी दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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