ऊना,सुशील पंडित: कारगिल विजय दिवस के पावन अवसर पर कुटलैहड़ सेवा संगठन द्वारा अम्बेडकर भवन, थानाकलां में वीर सैनिकों के सम्मान एवं श्रद्धांजलि समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम और सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए कारगिल युद्ध के अमर वीरों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम में ब्रिगेडियर राजीव ठाकुर मुख्य अतिथि, वॉलीबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर विशिष्ट अतिथि तथा जिला परिषद सदस्य चंचल बाला विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। सभी अतिथियों ने शहीदों को स्मरण करते हुए राष्ट्र की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा उनके अद्वितीय साहस और बलिदान को नमन किया।
इस अवसर पर कुटलैहड़ क्षेत्र के शहीद जवानों के परिजनों एवं पूर्व सैनिकों को सम्मानित कर उनके योगदान के प्रति समाज की कृतज्ञता व्यक्त की गई। सम्मानित होने वालों में कीर्ति चक्र से सम्मानित शहीद दिलवर खान के माता-पिता एवं उनकी पत्नी, सेना मेडल से सम्मानित शहीद रणजीत सिंह के पिता, कैप्टन गोरख राम (सेना मेडल), सूबेदार मेजर दौलत राम (सेना मेडल), नायब सूबेदार रणजीत सिंह (सेना मेडल) तथा शहीद भूपिंदर के पिता हवलदार मलूक सिंह शामिल रहे। सम्मान समारोह के दौरान पूरा सभागार देशभक्ति के भाव से ओत-प्रोत हो गया और उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ वीर परिवारों का अभिनंदन किया।
अपने संबोधन में पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक ऐतिहासिक जीत का प्रतीक नहीं, बल्कि उन अमर वीरों के अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति का स्मरण दिवस है, जिन्होंने देश की अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिक विपरीत परिस्थितियों में भी देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपना सर्वस्व न्योछावर कर देते हैं और हम सभी अपने घरों में सुरक्षित जीवन जी पा रहे हैं तो उसका श्रेय हमारे वीर जवानों को ही जाता है। उन्होंने कहा कि देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों और उनके परिवारों पर पूरे राष्ट्र को गर्व है तथा देश सदैव उनका ऋणी रहेगा।
मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर राजीव ठाकुर ने भी कारगिल युद्ध की गौरवगाथा का उल्लेख करते हुए युवाओं से राष्ट्रसेवा, अनुशासन और देशभक्ति की भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शहीदों का सम्मान केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को जीवन में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
कार्यक्रम में राजा शिवेंद्र पाल ,कैप्टन बख्तावर सिंह, इंजीनियर मेला राम दरोच, दिलबाग सिंह, पूर्व भाजपा मंडल महामंत्री मास्टर रमेश, कैप्टन सुभाष कौंडल, कैप्टन ईश्वर ठाकुर, कैप्टन जगजीवन, कैप्टन अवतार सिंह, भाजयुमो प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अजय ठाकुर, पूर्व बीडीसी सदस्य देवराज शर्मा, पूर्व प्रधान शकुंतला देवी, जितेंद्र कुमार, राम सिंह, रोहित, सन्नी सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, फौजी परिवार, सामाजिक कार्यकर्ता, संगठन के पदाधिकारी एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग 400 लोगों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
समारोह के अंत में राष्ट्रगान के साथ सभी ने एक स्वर में देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए अपना योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों का सम्मान और उनके परिवारों का गौरव पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है तथा आने वाली पीढ़ियों को भी उनके अद्वितीय बलिदान से प्रेरणा लेनी चाहिए।


