भाजपा नेता बोले, तत्काल पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने शहीदों को दिलाया था राजकीय सम्मान, हमारी भारतीय सेना ने कारगिल युद्ध में पाकिस्तान को दिखाई थी अपनी असली ताकत
ऊना,सुशील पंडित : कुटलैहड़ भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक दविंदर भुट्टो ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर देश के वीर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि 26 जुलाई भारतीय इतिहास का गौरवशाली दिन है।यह दिन भारतीय सेना के अदम्य साहस, शौर्य और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय जवानों ने अपने प्राणों की आहुति देकर देश की सीमाओं की रक्षा की और दुश्मन को करारा जवाब दिया। भुट्टो ने कहा कि वर्ष 1999 में तत्कालीन प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भारत ने कारगिल युद्ध का डटकर सामना किया।
उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने युद्ध में शहीद होने वाले भारतीय सैनिकों को पूरा राजकीय सम्मान दिलाने की परंपरा को सशक्त बनाया। और शहीदों के पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांवों तक पहुंचाए गए और पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इससे देश के वीर सैनिकों और उनके परिवारों का सम्मान और मनोबल दोनों बढ़ा। पूर्व विधायक ने कहा कि कारगिल की दुर्गम और बर्फीली चोटियों पर भारतीय सेना ने असाधारण वीरता परिचय दिया,विषम परिस्थितियों और कठिन मौसम के बावजूद भारतीय जवानों ने दुश्मन के कब्जे वाली रणनीतिक चोटियों को एक-एक कर मुक्त कराया, पाकिस्तान को उसकी नापाक हरकतों का मुंहतोड़ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के साहस और पराक्रम ने पूरी दुनिया को भारत की सैन्य शक्ति और दृढ़ संकल्प का परिचय कराया।
कारगिल विजय दिवस केवल एक सैन्य जीत का दिन नहीं, बल्कि देश के उन अमर वीरों के बलिदान को स्मरण करने का अवसर है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शहीदों के त्याग, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा लेकर देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए सदैव समर्पित रहें। उन्होंने कहा कि कारगिल के अमर शहीदों का बलिदान सदैव देशवासियों को राष्ट्र सेवा और देशभक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा।

