मुंबई। मुंबई के नाहुर वेस्ट इलाके में एक शादी समारोह के दौरान फूड पॉइजनिंग की आशंका के चलते दूल्हा-दुल्हन समेत कम से कम 31 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) अभय सिंह देशमुख के अनुसार, यह शादी समारोह 1 नवंबर को नाहुर वेस्ट के नालंदा बुद्ध विहार हॉल में आयोजित किया गया था, जिसमें लगभग 400 से 500 मेहमान शामिल हुए थे। उन्होंने बताया कि आखिरी राउंड में खाना खाने वाले लगभग 70 से 100 मेहमानों की तबीयत खराब हो गई।
बीमारी और बेचैनी की शिकायत के बाद, कई मेहमानों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित लोगों में से 22 को मुलुंड के एमटी अग्रवाल अस्पताल में, चार छोटे बच्चों को मुलुंड के कामगार अस्पताल में और पांच अन्य लोगों को विक्रोली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने कहा, “फिलहाल सभी मरीजों की हालत स्थिर है और उनका इलाज चल रहा है। संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर रख रही हैं और जरूरी कार्रवाई कर रही हैं।” अस्पताल में भर्ती एक व्यक्ति ने बताया, “शादी नालंदा बुद्ध विहार हॉल में हुई थी। अंत में, जब हम खाना खाने बैठे, तो दूल्हा-दुल्हन समेत सभी की तबीयत खराब हो गई। हमारे पड़ोस के लगभग 30 से 40 लोग वहां मौजूद थे और वे सभी बीमार पड़ गए।
सभी को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस मामले में कार्रवाई होनी चाहिए।” दूल्हे के मामा ने बताया कि मेहमानों ने शाम 4 बजे से 4:30 बजे के बीच खाना खाया था, लेकिन शाम को घर लौटने के बाद उनमें लक्षण दिखने लगे। उन्होंने कहा, “जब हम घर पहुंचे, तो रात 11:00 से 11:30 बजे के बीच सभी को उल्टी होने लगी। सबसे पहले दुल्हन की तबीयत खराब हुई।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि हमारे अपने समूह के कम से कम 30-40 लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हुए हैं। कुछ को मेट्रो के पास एक केंद्र में भेजा गया है, और बाकी लोगों को विक्रोली भेजा गया है,” ।
घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए, दूल्हे के मामा ने कहा कि इस संदिग्ध फूड पॉइजनिंग के लिए कैटरर्स और खाना सप्लाई करने वालों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने शादी की जगह का प्रबंधन करने वाली समिति की भूमिका की जांच कराने की भी मांग की। दूल्हे के एक दोस्त ने बताया कि हालांकि अभी सभी मरीजों की हालत स्थिर बताई जा रही है, फिर भी कई लोग इलाज के लिए अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह घटना कैटरर्स की लापरवाही और खाने की गुणवत्ता की जांच न करने के कारण हुई है। परिवार इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।” प्रशासन और बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के अधिकारी स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं और जरूरी कदम उठा रहे हैं।
