अहमदाबादः गुजरात के राजकोट शहर में स्थित सराझा होटल में हाई प्रोफाइल शराब पार्टी के मामले में अब पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। मुख्य आरोपी को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं भाजपा विधायक के भाई का सरनेम बदलकर प्राथमिकी में नाम दर्ज किया गया। इस शराब पार्टी में महिलाएं कल गाउन पहनकर शामिल हुई लेकिन पुलिस रेड के बाद पीले रंग के टेबल कवर से मुंह ढंक कर बाहर निकली।
राजकोट के कालवाड़ रोड पर स्थित सराझा होटल में शनिवार देर रात्रि लोकल क्राइम ब्रांच ने राजकोट शहर पुलिस के साथ मिलकर छापा मारा। पुलिस को यहां हाई प्रोफाइल शराब पार्टी होने की खबर लगी थी, मौके पर महंगी शराब की बोतलें वह हुक्का बार बरामद किए गए।
पुलिस ने 33 महिलाओं समेत 76 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर देर रात्रि सरकारी अस्पताल में उनका मेडिकल टेस्ट कराया। जिनमें 30 महिला पुरुष दंपति थे, महिलाएं इस पार्टी में काला रंग का गाउन पहन कर आई और कई महिलाओं ने शराब का भी सेवन किया। पुलिस रेड के बाद महिलाओं ने पीले रंग के टेबल कवर से मुंह ढक कर बाहर निकली।
पुलिस की रेड की पूरे प्रदेश में काफी चर्चा है लेकिन अब पार्टी के आयोजक बिल्डर चिराग पटेल को पुलिस थाने के पिछले दरवाजे से बाहर निकालने तथा भाजपा विधायक प्रकाश वरमोरा के भाई मनीष वरमोरा का सरनेम बदलकर पुलिस रिपोर्ट में मनीष पटेल लिखने पर सवाल भी उठने लगे हैं।
जॉन 2 के एसीपी राकेश देसाई ने पुलिस कार्रवाई की पत्रकारों को जानकारी दी लेकिन जब पत्रकारों ने प्रभावशाली व पार्टी के आयोजक बिल्डर चिराग पटेल को बचाने का प्रयास करने व होटल स्टाफ को इस मामले में आरोपी बना देने को लेकर सवाल उठाया तो पुलिस ने मीडिया कर्मियों को ही पुलिस थाने से बाहर कर दिया।
सोशल मीडिया पर अब ऐसे कई वीडियो वायरल हो रहे हैं जिसमें पुलिस कर्मचारी पत्रकारों एवं कैमरामैन को धक्का देकर वहां से हटा रहे हैं। राजकोट में शराब पार्टी का यह पहला मामला नहीं है लेकिन राजकोट शहर एवं लोकल क्राइम ब्रांच की कार्रवाई की खूब चर्चा हो रही है।
शराब पार्टी में शामिल महिला पुरुषों की पहुंच ऊपर तक होने के कारण अब पुलिस इस मामले में लीपापोती का भी प्रयास कर रही है। पार्टी के आयोजक चिराग पटेल को पुलिस थाने में पिछले दरवाजे से बाहर निकलना और भाजपा विधायक के भाई का सरनेम बदलकर प्राथमिक की दर्ज करना पुलिस की कार्रवाई पर कई सवाल छोड़ रहा है।
हालांकि पुलिस ने 33 महिलाओं समेत इस हाई प्रोफाइल पार्टी में शामिल 6 दर्जन से अधिक महिला पुरुषों के नाम सार्वजनिक कर दिए हैं लेकिन पहले छापा मार कर होटल से महिला-पुरुषों को गिरफ्तार करना और फिर उन्हें पिछले दरवाजे से जाने देना, पुलिस के लिए इसलिए सर दर्द हो गया क्योंकि आम आदमी को पुलिस इस तरह की रियायत नहीं देती है।
