सरायकेला। झारखंड के एक पुलिस थाने के अंदर महिला के साथ कथित रेप के मामले में रविवार को एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर और एक कांस्टेबल को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में अब तक गम्हरिया थाना प्रभारी समेत 15 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है। 29 अक्टूबर की रात हुई इस घटना के बाद, शनिवार को एक कांस्टेबल को गिरफ्तार किया गया था। वहीं, ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में गम्हरिया पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी समेत 15 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया।
घटना की जांच के लिए, सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक (SP) मनोज स्वर्गियारी के आदेश पर घटना के अगले दिन ही एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, शनिवार को सौंपी गई SIT की रिपोर्ट और SP के निर्देश के आधार पर, रविवार को सस्पेंड किए गए सब-इंस्पेक्टर मनोज साहू और कांस्टेबल संतोष राय को गिरफ्तार कर लिया गया। इससे एक दिन पहले, SP ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में गम्हरिया पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी (इंस्पेक्टर) संजय प्रसाद, सब-इंस्पेक्टर मनोज साहू और अनिरुद्ध सिंह, हवलदार मुनेश्वर कुमार और कांस्टेबल संतोष राय को सस्पेंड कर दिया था।
बयान में कहा गया है कि रविवार को SP ने ड्यूटी में लापरवाही, सतर्कता की कमी और पुलिस की छवि खराब करने के आरोप में सब-इंस्पेक्टर अजय पासवान और ललन रविदास, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर विशु उरांव, मुकेश कुजूर, मुकेश रविदास और सीताराम सिंह पाहन, हवलदार पीतांबर महतो और बहादुर हांसदा, तथा कांस्टेबल मनोज गोराई को सस्पेंड कर दिया। शनिवार को गिरफ्तार किए गए कांस्टेबल को स्थानीय अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पीड़िता ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि गुरुवार शाम को उसका अपने पति के साथ झगड़ा हो गया था।
मारपीट के डर से वह घर से निकल गई। महिला एक पड़ोसी के घर गई और अपने मोबाइल फोन से पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने एक बयान में बताया कि उस रात एक पीसीआर वैन घर पहुंची और उसे थाने ले आई। बयान के अनुसार, ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों ने उसे आराम करने के लिए थाने में एक कमरा दिया। जब वह उस कमरे में थी, तो मुख्य आरोपी – जो थाने में ही वायरलेस ऑपरेटर है – ने उसके साथ बलात्कार किया।
