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राज्यपाल ‘भारत 2047ः विकसित भारत का संकल्प’ विषय पर आयोजित वार्षिक व्याख्यान में हुए शामिल

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शिमला: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने गत सांय पंचानद शोध संस्थान अध्ययन केंद्र द्वारा आयोजित ‘भारत 2047ः विकसित भारत का संकल्प’ विषयक वार्षिक व्याख्यान को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत-2047 का सपना तभी साकार हो सकता है, जब गांव, किसान, युवा और महिलाएं देश के विकास की यात्रा में सशक्त भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था, आधुनिक कृषि, कौशल विकास और उद्यमिता आत्मनिर्भर भारत की नींव हैं।

उन्होंने कहा कि जब वर्ष 2047 में भारत स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण करेगा, तब लक्ष्य केवल आर्थिक रूप से समृद्ध राष्ट्र बनना ही नहीं, बल्कि ऐसा विकसित देश बनना होगा जो समावेशी, आत्मनिर्भर, नवाचार-प्रेरित और मानवीय मूल्यों पर आधारित हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत 2047 का दृष्टिकोण केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सामूहिक राष्ट्रीय मिशन है।

 

राज्यपाल ने वर्ष 1983 में स्थापित पंचानद शोध संस्थान द्वारा समाज और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर शोध, बौद्धिक विमर्श और जन-जागरूकता के क्षेत्र में किए जा रहे सार्थक कार्यों की सराहना की।गुप्ता ने भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ने डिजिटल तकनीक, नवाचार, स्टार्ट-अप, आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और वित्तीय समावेशन के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास के साथ-साथ सामाजिक न्याय, पर्यावरणीय संतुलन और सांस्कृतिक मूल्यों को भी समान महत्त्व दिया जाना चाहिए। भारत के डिजिटल परिवर्तन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश का डिजिटल मॉडल आज विश्व के लिए एक उदाहरण बन गया है।

राज्यपाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश प्रतिभा और संभावनाओं से भरपूर राज्य है। उन्होंने युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक कौशल और नवाचार तथा उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले वातावरण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि युवा केवल नौकरी की आकांक्षा न रखें, बल्कि रोजगार सृजक बनें।

राज्यपाल ने कहा कि भारत का विकास केवल नीतियों से नहीं, बल्कि युवाओं की ऊर्जा, ज्ञान, चरित्र और देशभक्ति से संभव है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने और सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनने का आह्वान किया।

इस अवसर पर राज्यपाल ने राधिका धीमान की पुस्तक ‘पुराण पुरुषः सिक्ख के सूत्र’ और अमरदीप सिंह की पुस्तक ‘मन बुद्धि का विकासः सिक्खी के सूत्र’ का विमोचन भी किया। इससे पूर्व, पंचानद शोध संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. बृज किशोर कुठियाला ने राज्यपाल को सम्मानित किया तथा ‘भारत 2047ः विकसित भारत का संकल्प’ विषय पर विचारोत्तेजक व्याख्यान प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं साई इटरनल फाउंडेशन के संस्थापक सदस्य राज कुमार वर्मा तथा पंचानद शोध संस्थान के राष्ट्रीय सह-निदेशक प्रो. मनु सूद ने राज्यपाल का स्वागत किया और विकसित भारत की परिकल्पना पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर अनेक शिक्षाविद्, शोधकर्ता, सामाजिक चिंतक तथा अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

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