जालंधर, ENS: भार्गव कैंप के अधीन आते गीता कालोनी में दो पक्षों में विवाद हो गया। महिला सिमरनजीत कौर ने बताया कि उसके रिश्तेदार का पड़ोसी के साथ विवाद हो गया। घटना की सूचना मिलने पर वह मेहतपुर घर से वापिस आई। इस मामले को लेकर थाने में शिकायत दी। वहीं पीड़िता ने कहा कि बेटी से पड़ोसी का युवक छेड़छाड़ करता है, जिसका पड़ोसियों ने विरोध जताया। पीड़ित ने कहा कि 2 साल से विवाद चल रहा और उसी रंजिश को लेकर विवाद चल रहा है। इस घटना में महिलाओं पर पर्चा दर्ज किया गया था। सिमरनजीत कौर ने कहा कि देर रात पड़ोसियों के साथ युवकों ने थाने में उस पर हमला कर दिया। घटना के दौरान पुलिस के सामने उसके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि पुलिस ने किसी को घटना स्थल से नहीं हटाया।
आरोप रजनी, श्वेता सहित उसके परिवार पर लगे है। महिला ने कहाकि उसकी बाजू तोड़ दी। इस दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही और हमलावर फरार हो गए। पीड़िता ने भार्गेव कैप पुलिस पर मिलीभगत के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता ने कहा कि वह अपने परिवार और बेटी के साथ थाने पहुंची थी। आरोप है कि जब वे थाने के भीतर बैठे थे, तभी दूसरे पक्ष के कई युवकों और महिलाओं ने उनपर हमला कर दिया। हमलावरों ने महिला के साथ बर्बरता से मारपीट की।
पीड़ित परिवार का कहना है कि जब थाने के अंदर खूनी खेल चल रहा था, तब वहां मौजूद पुलिसकर्मी बचाने के बजाय मोबाइल फोन से वीडियो बनाने में व्यस्त थे। पुलिस की इस ढुलमुल कार्यप्रणाली का फायदा उठाकर हमलावर मारपीट करने के बाद भाग निकले। घटना के करीब आधा घंटा बीत जाने के बाद भी पीड़ित परिवार थाने में ही बैठा रहा, लेकिन किसी भी ड्यूटी अफसर या पुलिसकर्मी ने उनकी सुध नहीं ली। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस न तो उनकी शिकायत दर्ज कर रही है और न ही उन्हें मेडिकल जांच के लिए भेज रही है। पुलिसकर्मी लगातार अंदर-बाहर आते-जाते रहे, लेकिन उनकी बात सुनने के लिए कोई तैयार नहीं हुआ।
पीड़िता ने आशंका जताई है कि पुलिस अब आरोपियों को बचाने के लिए उन पर आपसी समझौते और माफीनामे का दबाव बना सकती है। महिला का कहना है कि उसकी बाजू तोड़कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया गया है, ऐसे में वह किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगी। वहीं दूसरी ओर पुलिस ने बताया कि उनके पास विवाद को लेकर दो पक्ष आए थे। इस दौरान थाने में दोनों पक्षों में थोड़ा विवाद हो गया था और दोनों को समझाया गया। उन्होंने कहा कि छेड़छाड़ के विवाद को लेकर मामला पहले से चल रहा था और उसी को लेकर दोबारा से विवाद हो गया था। ऐसे में 7 तारीख का समय दोनों पक्षों को दिया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा किसी को पिटवाया नहीं गया।
