पंचकूलाः पलर्स ग्रुप जुड़ी प्रतिबंधित जमीन की रजिस्ट्री के मामले में हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो के द्वारा राई पुरानी के पूर्व तहसीलदार विक्रम सिंगल को एक बार फिर गिरफ्तार किया है कार्रवाई के बाद उन्हें पंचकूला के सेक्टर 6 नागरिक अस्पताल में मेडिकल करवाने के बाद कोर्ट में पेश किया गया जहां पर कोर्ट ने आरोपी विक्रम सिंगल का दो दिन का पुलिस रिमांड दिया है
जांच में सामने आया है कि पर्ल्स ग्रुप (PACL) से संबंधित जिन संपत्तियों को निवेशकों का पैसा लौटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित लोढ़ा और सेन समितियों द्वारा अटैच किया गया था, उन पर बिक्री और हस्तांतरण पर पहले से रोक दर्ज थी। रायपुररानी तहसील के राजस्व रिकॉर्ड में वर्ष 2016 और 2019 में इस संबंध में स्पष्ट प्रतिबंध दर्ज होने के बावजूद कथित रूप से जमीन की रजिस्ट्रियां और अन्य राजस्व प्रक्रियाएं पूरी की गईं।
एसीबी का आरोप है कि प्रतिबंधित भूमि के रिकॉर्ड में बदलाव कर जमीन के लेन-देन को अंजाम दिया गया, जिससे मामले में आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार की आशंका बनी। इस प्रकरण में पहले भी कई एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और जांच अभी जारी। कोर्ट में पेश करने के बाद पूर्व तहसीलदार को 2 दिन के रिमांड पर दिया गया है और दो दिन के रिमांड के दौरान पूर्व तहसीलदार से एंटी करप्शन ब्यूरो के द्वारा पूछताछ की जाएगी।

