डिजिटल प्रणाली को और सशक्त बनाने पर जोर
ऊना सुशील पंडित : प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई-2.0) के प्रभावी एवं पारदर्शी क्रियान्वयन के उद्देश्य से संचालित विशेष पंजीकरण अभियान के तहत बुधवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय, ऊना में एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता जिला कार्यक्रम अधिकारी हरीश कुमार ने की। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बाल विकास परियोजना अधिकारियों, वृत्त पर्यवेक्षकों तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को नवीन डिजिटल प्रणाली एवं तकनीकी प्रक्रियाओं से दक्ष बनाकर योजना के शत-प्रतिशत प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना था।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल तकनीकी जानकारी प्रदान करना ही नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि जिले की प्रत्येक पात्र गर्भवती एवं धात्री महिला तक योजना का लाभ समयबद्ध एवं सुगमता से पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने की दिशा में भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके सफल क्रियान्वयन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि 15 जून से 15 जुलाई तक पूरे देश में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत विशेष पंजीकरण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के दौरान पात्र गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण एवं आवेदन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा ऑनलाइन माध्यम से किए जा रहे हैं, ताकि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे। कार्यशाला में आईपीई ग्लोबल के तकनीकी विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को योजना के नवीन पोर्टल पीएमएमवीवाई सॉफ्ट, पेपरलेस ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया, आधार प्रमाणीकरण, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) प्रणाली तथा आवेदन प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 65 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
तकनीकी विशेषज्ञ डॉ. मनीषा भाटिया एवं सुमित राणा ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में प्रतिभागियों को नवीन सॉफ्टवेयर पर त्रुटिरहित आवेदन भरने की प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन किया। साथ ही, फील्ड स्तर पर आने वाली तकनीकी समस्याओं, जैसे आधार प्रमाणीकरण में त्रुटि, बैंक खाते के विवरण में असंगति तथा अन्य ऑनलाइन चुनौतियों के व्यावहारिक एवं त्वरित समाधान भी साझा किए, जिससे कार्यकर्ताओं की तकनीकी दक्षता और अधिक सुदृढ़ हो सके।
जिला कार्यक्रम अधिकारी हरीश कुमार ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता योजना की सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रणाली में दक्ष होकर वे यह सुनिश्चित कर सकती हैं कि प्रत्येक पात्र गर्भवती महिला एवं स्तनपान कराने वाली माता तक योजना का लाभ पारदर्शी, समयबद्ध और बिना किसी बाधा के पहुंचे। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान एवं कौशल का प्रभावी उपयोग करते हुए पात्र लाभार्थियों का समय पर पंजीकरण सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि जिला ऊना में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत प्रथम प्रसव के लिए अब तक 7,472 लाभार्थियों को 1 करोड़ 87 लाख 31 हजार रुपये तथा दूसरे प्रसव पर बालिका के जन्म के लिए 1,139 लाभार्थियों को 68 लाख 34 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भारत सरकार द्वारा प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्रथम जीवित संतान के जन्म पर पात्र लाभार्थी महिला को 5 हज़ार रुपये की सहायता राशि दो किस्तों में प्रदान की जाती है, जबकि दूसरे प्रसव पर बालिका के जन्म की स्थिति में 6 हज़ार रुपये की एकमुश्त सहायता राशि का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों से योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को और गति मिलेगी तथा जिले की प्रत्येक पात्र महिला तक मातृत्व सहायता समय पर पहुंचाने के साथ-साथ स्वस्थ मातृत्व–सशक्त परिवार–समृद्ध समाज के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त होगा।

