नई दिल्लीः ईरान-अमेरिका तनाव से शेयर बाजार में फिर से गिरावटर देखने को मिली है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 526.35 अंक (0.68%) का गोता लगाकर 77,090.05 पर खुला, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 142.70 अंक (0.59%) टूटकर 24,100 के स्तर से नीचे 24,068.30 पर आ गया। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी का असर शेयर बाजार पर साफ दिख रहा है। बाजार में बिकवाली का दबाव ऑटो और फाइनेंशियल सेक्टर पर सबसे ज्यादा रहा। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 1% से ज्यादा की गिरावट देखी गई।
वहीं, ऑटो सेक्टर के शेयरों में भी करीब 1% की कमजोरी रही। अगर शेयरों की बात करें, तो शुरुआती कारोबार में श्रीराम फाइनेंस, इंडिगो, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी (L&T), एचसीएल टेक, महिंद्रा एंड महिंद्रा और कोटक महिंद्रा बैंक टॉप लूजर्स की लिस्ट में शामिल रहे। बाजार में आई इस अचानक गिरावट का सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और कच्चे तेल का महंगा होना है। दरअसल,अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका मिडिल ईस्ट के सबसे अहम समुद्री रूट होर्मुज स्ट्रेट पर नौसेना की नाकाबंदी फिर से लागू करेगा और वहां से गुजरने वाले कार्गो पर 20% टैक्स वसूला जाएगा। इस बयान के बाद वहां युद्ध जैसा तनाव बढ़ गया है और कच्चे तेल के दाम अचानक बहुत ज्यादा उछल गए हैं।
मिडिल ईस्ट में युद्ध की आशंका और ट्रंप की नाकाबंदी की चेतावनी के तुरंत बाद, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में लगभग 10-11% का भारी उछाल आया है। कच्चा तेल उछलकर $83 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जिससे दुनिया भर के बाजारों में हड़कंप मता हुआ है। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने का डर हो पैदा हो गया है, इसी घबराहट में निवेशकों ने शेयर बाजार से अपना पैसा निकालना शुरू कर दिया जिससे बाजार धड़ाम हो गया। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर काफी अहम है। अगर बाजार इस स्तर के नीचे जाता है, तो यह 23,800 तक गिर सकता है। वहीं, अगर निफ्टी 24,300 के ऊपर मजबूती से निकलता है, तो इसमें फिर से तेजी की उम्मीद बन सकती है।
