मुबंईः महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से उल्टफेर होने को लेकर सियासत गरमा ई है। दरअसल, उद्धव ठाकरे के लिए चुनौतियां एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। शिवसेना (यूबीटी) इस समय अपने ही सांसदों के बागी तेवरों की वजह से मझधार में फंसी हुई है। अरविंद सावंत ने बागी सासंदों को दिल्ली में पार्टी मीटिंग में शामिल होने का नोटिस जारी किया है। वहीं उद्धव ठाकरे की पार्टी के बागी सांसद नई दिल्ली पहुंच गए हैं। इसी बीच टूट की खबरें गलत होती नजर आ रही है। क्योंकि 2 यूबीटी सांसदों- राजाभाऊ वाजे और संजय पाटिल ने शिंदे गुट के साथ जाने की अटकलों से इनकार कर दिया है।
उनके बयान के बाद महाराष्ट्र में यूबीटी बागियों का पूरा गेम पलटता हुआ नजर आ रही है। हालांकि, सूत्रों ने ये भी दावा किया कि यूबीटी के बागी सांसद कुछ देर में लोकसभा स्पीकर के आवास पर मुलाकात कर सकते हैं। दावा किया जा रहा है कि पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसद शिंदे गुट की शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। ये 6 सांसद आज लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर सकते हैं। उद्धव गुट के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने दावा किया कि सांसदों को 50-50 करोड़ रुपए ऑफर हुए हैं।
दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राउत ने कहा- मेरे पास जानकारी है कि सांसदों को 15-15 करोड़ रुपए पहुंचाए गए हैं और उन्हें 3 चार्टर्ड विमानों से दिल्ली ले जाया गया है। राउत की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवसेना (UBT) के 9 में से सिर्फ 3 सांसद, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और अरविंद सावंत मौजूद रहे। राउत ने कहा कि सांसदों को खुद सामने आकर अटकलों का खंडन करना चाहिए। महाराष्ट्र की राजनीति में मौजूदा घटनाक्रम को ‘ऑपरेशन टाइगर’ नाम दिया गया है। अविभाजित शिवसेना (उद्धव+शिंदे गुट) का चुनाव चिह्न और प्रतीक ‘बाघ’ था, जिसे पार्टी संस्थापक बालासाहेब ठाकरे ने डिजाइन किया था। बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे भी मंगलवार रात से दिल्ली में हैं।
