अंबालाः जिले के पास स्थित गांव धन्यौड़ा से सुबह 4 वर्षीय मासूम निर्भय खेलते-खेलते 220 फुट गहरे खुले पड़े बोरवेल में गिर गया। वहीं घटना को लेकर 8 घंटे का समय हो गया और बच्चा बोरवेल में फंसा हुआ है। वहीं आर्मी-एनडीआरएफ द्वारा लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बोरवेल में फंसे बच्चे का कैमरे में हाथ नजर आया। दरअसल, बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एनडीआरएफ और सेना की टीमें संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। बोरवेल में करीब 60 फीट की गहराई से पानी शुरू हो रहा है।
रस्सी के सहारे अंडरवॉटर कैमरे उतारे गए हैं। डेढ़ बजे बारिश शुरू होने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत आई। सेना ने बोरवेल के ऊपर टेंट लगाया है। एनडीआरएफ टीम के एक सदस्य ने बताया कि कैमरे में बच्चे का एक हाथ ऊपर की ओर दिखाई दिया, जबकि गर्दन नीचे की तरफ झुकी हुई है। उसे निकालने के लिए अब तक 7 बार कांटे और कुंडी डालकर कोशिश की गई, लेकिन कपड़ा नहीं फंस पाया और हाथ ऊपर होने के कारण भी दिक्कत आई। दरअसल, दोपहर में करीब डेढ़ बजे बचाव टीम ने स्पेशल तैयार करवाया गया कांटा-कुंडी बोरवेल में डाला।
कुछ देर प्रयास करने के बावजूद इसमें बच्चे का कपड़ा नहीं फंसा। अब नए सिरे से कुछ प्रयास होंगे। निर्भय के पिता मनजीत सिंह हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत बिजली निगम में कार्यरत हैं। उसके दादा करनैल सिंह धान की रोपाई के चलते तड़के से ही खेत में थे, जहां करीब दो एकड़ में धान की रोपाई का काम चल रहा था। रेस्क्यू के दौरान पिता मनजीत सिंह “मेरे निर्भय को बचा लो… उसे बाहर निकाल लो…” कहकर अचानक जमीन पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें होश में लाने की कोशिश की, लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहीं, मां जसबीर कौर सदमे में हैं। निर्भय की 12 साल की एक बहन भी है।

