चंडीगढ़ः पंजाब यूनिवर्सिटी परिसर को प्रदूषण मुक्त बनाने और ईंधन की बचत के उद्देश्य से प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। ‘सेव पीयू कैंपेन’ के तहत अब हर बुधवार को यूनिवर्सिटी परिसर में ‘वाहन-मुक्त दिवस’ मनाया जाएगा। इस दिन छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों से निजी वाहनों का उपयोग न करने की अपील की गई है। व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पूरे दिन मुफ्त शटल बस सेवा उपलब्ध रहेगी, जबकि ई-रिक्शा रियायती दरों पर कैंपस में संचालित किए जाएंगे। पीयू के रजिस्ट्रार प्रो. वाई.पी. वर्मा ने बताया कि इस संबंध में विश्वविद्यालय के वेब पोर्टल पर सर्कुलर जारी कर दिया गया है।
पहले से संचालित ई-रिक्शा चालकों को बुधवार के दिन विशेष रूप से नियमित सेवा देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि छात्रों और कर्मचारियों को आने-जाने में किसी तरह की परेशानी न हो। दरअसल, पंजाब यूनिवर्सिटी का सेक्टर-14 और सेक्टर-25 स्थित परिसर करीब 550 एकड़ में फैला है, ऐसे में पूरे कैंपस में पैदल आना-जाना आसान नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने शटल बस और ई-रिक्शा की व्यवस्था की है। साथ ही हॉस्टलों के बाहर साइकिल उपलब्ध कराने का सुझाव भी दिया गया है। हालांकि, पहले खरीदी गई अधिकांश साइकिलें रखरखाव के अभाव में अनुपयोगी हो चुकी हैं।
ट्रैफिक और ईंधन की खपत कम करने के लिए विश्वविद्यालय ने कई प्रशासनिक गतिविधियों को भी ऑनलाइन करने का फैसला लिया है। रीजनल सेंटरों के साथ होने वाली बैठकों के अलावा छात्रों की काउंसलिंग भी ऑनलाइन आयोजित की जाएगी, ताकि बाहरी आवाजाही कम हो और अनावश्यक ईंधन की बचत हो सके। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों से हर बुधवार निजी वाहन न लाने और कारपूलिंग अपनाने की अपील की है। नए नियमों के तहत निजी वाहनों को निर्धारित पार्किंग तक ही अनुमति दी जाएगी। विभागों और प्रशासनिक भवनों तक जाने के लिए शटल बस या ई-रिक्शा का उपयोग करना होगा। यदि किसी के पास वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध होगी तो उसे परिसर के अंदर वाहन ले जाने की अनुमति नहीं मिलेगी।

