अमृतसरः पंजाब सरकार की ओर से जरूरतमंद परिवारों को भेजी राशन किट बांटने के दौरान हुए विवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अब इस वीडियो को लेकर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता राहुल सेठी और संबंधित डिपो होल्डर ने अपने-अपने पक्ष रखे हैं।
मीडिया से बात करते राहुल सेठी ने कहा कि वह खुद उस जगह पर मौजूद थे जहां राशन किट बांटी जा रही थीं और उनका एकमात्र मकसद लोगों को सही तरीके से सुविधा देना था। उन्होंने कहा कि डिपो पर एक बार में 20 से 25 आधार कार्ड जमा किए जा रहे थे, जिससे लोगों में कन्फ्यूजन और गुस्सा पैदा हो रहा था। गर्मी के मौसम में लंबे समय से इंतजार कर रहे बुजुर्ग और दूसरे लाभार्थी अपनी बारी को लेकर परेशान हो रहे थे।
राहुल सेठी ने कहा कि उन्होंने तो बस यह सुझाव दिया था कि हर आधार कार्ड के आधार पर राशन बांटा जाए ताकि किसी के साथ गलत व्यवहार न हो और लोगों को बिना किसी परेशानी के उनका हक मिल सके। उन्होंने दावा किया कि वह अपने लिए किसी तरह का गेहूं या राशन किट नहीं मांग रहे हैं और अगर किसी के पास इस बारे में कोई सबूत है तो वह सामने लाया जाए।
उन्होंने कहा कि अगर आम आदमी पार्टी का कोई कार्यकर्ता या प्रतिनिधि सरकारी योजनाओं का गलत फायदा उठाने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ डिपो होल्डर कम राशन देकर या दूसरे टेक्निकल कारण बताकर लाभार्थियों को परेशान करते हैं, जिसकी जांच होनी चाहिए।
दूसरी तरफ, डिपो होल्डर ने भी अपना पक्ष रखते कहा कि वह सरकारी नियमों के मुताबिक राशन बांट रहा है और किसी भी लाभार्थी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि राहुल सेठी ने बांटने के प्रोसेस में दखल दिया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। डिपो होल्डर ने कहा कि वह विदेश से लौटने के बाद लोगों की सेवा कर रहा है और हर लाभार्थी को उसका पूरा हक दिया जा रहा है।
वायरल वीडियो के बाद यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। दोनों पक्षों ने खुद को सही बताते प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है। अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अधिकारी इस मामले की जांच कर असली स्थिति कब साफ करेंगे।
