नई दिल्लीः स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ओमान तट पर वाणिज्यिक पोत ‘एमटी सेट्टेबेलो’ पर हुए हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत की खबर सामने आई है। विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। आपको बता दें जहाज पर 41 भारतीय क्रू सदस्य थे, जिसमें से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है और तीन भारतीयों की मौत हो गई।
फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) के महासचिव मनोज यादव ने बताया कि तीन भारतीयों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। ये तीनों हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश के देवरिया और आंध्र प्रदेश के रहने वाले थे।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच FSUI प्रमुख मनोज यादव ने एक बड़ा और विस्फोटक दावा किया है। उन्होंने कहा कि मैं यह मानने से बिल्कुल इनकार करता हूं कि अमेरिका को उन जहाजों पर सवार लोगों की राष्ट्रीयता के बारे में जानकारी नहीं थी। मुझे यकीन है कि अमेरिकी नौसेना को पता था कि उन जहाजों पर कितने भारतीय और विदेशी नागरिक सवार थे। अगर जहाजों ने अमेरिकी निर्देशों का पालन नहीं किया, तो उन्हें हिरासत में लेना एक उचित विकल्प होता, न कि इस तरह का हमला। यह बयान ऐसे समय आया है जब मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव ने पूरे खाड़ी क्षेत्र को युद्ध के मुहाने पर ला खड़ा किया है और होर्मुज जलडमरूमध्य पहले ही बंद किया जा चुका है।
