फगवाड़ाः फिल्म ‘सतलुज’ के समर्थन में लगातार सिखों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। दरअसल, विभिन्न सिख जत्थेबंदियों द्वारा ओटीटी प्लेटफॉर्म से फिल्म ‘सतलुज’ हटाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि फिल्म को जल्द से जल्द ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया जाए। जत्थेबंदियों के प्रतिनिधियों ने कहा कि फिल्म में सिखों पर हुए अत्याचारों और घटनाओं को दर्शाया गया है, जिन्हें लोगों तक पहुंचना चाहिए।
उनका आरोप है कि फिल्म को प्रसारण से रोककर सच्चाई को दबाने का प्रयास किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और संबंधित ओटीटी प्लेटफॉर्म से मांग की कि फिल्म पर लगी रोक तुरंत हटाई जाए, ताकि आम लोग इसे देख सकें और इतिहास से जुड़े तथ्यों को जान सकें। संगठन ने आरोप लगाया कि 1947 के बंटवारे से लेकर वर्तमान तक की सरकारों ने पंजाबी समुदाय और देश पर कथित रूप से जुल्म किए हैं।
उनका कहना था कि पुलिस प्रशासन के कुछ अधिकारियों ने लाखों बेगुनाह नौजवानों, माताओं, बहनों और बुजुर्गों की हत्या की। संगठनों ने कहा कि जब भी किसी ने सच सामने लाने की कोशिश की, उसे या तो गायब कर दिया गया या झूठे आरोपों में जेल भेज दिया गया। उन्होंने दावा किया कि ‘सतलुज’ फिल्म को 4 साल तक रिलीज नहीं होने दिया गया, क्योंकि यह पंजाबी सिखों पर हुए अत्याचारों को दुनिया के सामने लाती है और पिछली सरकारों के चेहरे बेनकाब करती है।

