चंडीगढ़ः पंजाब सरकार आज मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में होने वाली कैबिनेट बैठक के दौरान वर्ष 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति को हरी झंडी देने जा रही है। मुख्य मंत्री निवास पर होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक में शराब की कीमतों में वृद्धि और मुनाफ़ा बढ़ाने के उद्देश्य पर मुहर लगाने की पूरी संभावना है। सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 12,500 करोड़ रुपये से अधिक का मालीया जुटाने की तैयारी कर ली है, जो पिछले साल के 11,200 करोड़ रुपये के लक्ष्य से लगभग 8 से 10 प्रतिशत अधिक है।
नई नीति में विदेशी शराब की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ-साथ अंग्रेजी शराब (IMFL) का कोटा भी बढ़ाया जा रहा है ताकि बाजार की मांग को पूरा किया जा सके। इस बार सरकार का मुख्य ध्यान आबकारी प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने और गैर-कानूनी शराब के व्यापार पर शिकंजा कसने की दिशा में है। इसके लिए ‘ट्रैक एंड ट्रेस’ सिस्टम को मजबूत किया जाएगा और फील्ड में निगरानी बढ़ायी जाएगी। लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को भी पूरी तरह डिजिटल किया जा रहा है ताकि मानवीय हस्तक्षेप कम से कम हो सके और केवल योग्य कारोबारी ही इस क्षेत्र में आ सकें।
सरकार ने यह नीति बनाते समय शराब ठेकेदारों के साथ भी बैठकें की हैं और उनके महत्वपूर्ण सुझावों को इस नई नीति में शामिल किया गया है। वर्तमान समय में पंजाब में 6,300 से अधिक शराब के ठेकों का संचालन हो रहा है, जिनके जरिये मालीया जुटाई जाती है। आबकारी नीति के अलावा आज की बैठक में बजट सत्र की तिथियों की घोषणा भी होने की उम्मीद है।
मुख्य मंत्री भगवंत मान ने पहले ही संकेत दे दिए हैं कि इस बार के राज्य का बजट 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस वाले दिन पेश किया जाएगा। इस खास मौके पर सरकार द्वारा महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह देने का अपनी चुनावी गारंटी को पूरा करने का बड़ा ऐलान किया जा सकता है। विपक्षी नेताओं के अनुसार, बजट सत्र 6 मार्च से शुरू होकर 10 मार्च तक चल सकता है, जिसकी संबंधित आधिकारिक नोटिफिकेशन आज जारी होने की संभावना है।
