पुलिस कर्मियों की हत्या को लेकर लॉरेंस गैंग ने दी धमकी
गुरदासपुरः जिले में पुलिस कर्मियों की गोली लगने से हुई मौत मामले में पाकिस्तानी डॉन ने वीडियो जारी किया। इसमें एएसआई और होमगार्ड की गोली की मौत को लेकर पंजाब पुलिस पर निशाना साधा। वहीं दूसरी ओर इस घटना की लॉरेंस गैंग ने करीबी हैरी बॉक्सर ने धमकी दी है। लॉरेंस गैंग की ओर से एक पोस्ट शेयर की गई है, जिसमें हैरी बॉक्सर ने कहाकि बीते दिन गुरसापुर में हमारे 2 पुलिस कर्मी गुरनाम सिंह और अशोक कुमार शहीद हो गए।
वह इसकी कड़े शब्दों में निंदा करते है। उन्होंने कहा कि आंतकियों ने हमारे 2 जवानों को शहीद किया है। इसी के साथ लॉरेंस गैंग ने धमकी दी है कि 2 जवानों के शहीदी का बदला तुम्हारे 10 लोगों को मारकर लिया जाएगा। पोस्ट में कहा कि आतंकियों का साथ देने वाले अब तैयार हो जाए, सबसे पहले उनका गला काटा जाएगा। हमारे देश के सैनिकों और रक्षा करने वालों की तरफ अगर आंख उठाओंगे तो हम उनकी आंख निकाल लेंगे। हमें पता है कि कौन किसका साथ दे रहा है, अब गर्दन काटकर वीडियों डालेंगे।
भट्टी ने कहा कि ऐसे मामले तब सामने आते हैं जब लोग पुलिस के सताए होते हैं। पंजाब पुलिस पर आरोप लगाया कि उसने कुछ दिनों में कई फेक एनकाउंटर किए हैं। इन एनकाउंटर में कभी किसी तो कभी किसी गैंगस्टर का नाम जोड़ दिया। पुलिस की इस तरह की हरकतों का बदला लेने के लिए लोग गोली मारते हैं।
भट्टी ने कहा कि हालांकि हो सकता है कि इस मामले में मरने वाले दोनों पुलिस वालों का कोई कसूर न हो। जब कोई पुलिस की कार्यप्रणाली से दुखी होता है और उसे टार्गेटेड पुलिस अधिकारी नहीं मिल रहा होता है तो गुस्सा निकालने के लिए जो भी सामने आता है वो शिकार बन जाता है। यह एक बहुत ही दुखद समाचार है कि इंडिया के पंजाब में दौरंगला पुलिस स्टेशन के दो पुलिसकर्मियों की रात में गोली मारकर हत्या कर दी गई।
इस खबर को सुनकर बहुत अफसोस हुआ, लेकिन इसके साथ ही कई सवाल भी खड़े होते हैं। पंजाब सरकार-पुलिस के दावे खोखले-भारत सरकार और पुलिस जो बड़े-बड़े दावे करती है, इस तरह की घटनाओं को देखकर लगता है कि वे दावे खोखले हैं। जब पुलिसकर्मियों पर इस तरह के हमले होते हैं, तो उसकी एक वजह यह भी होती है कि जब आप निर्दोष लोगों को पकड़कर उन पर झूठे मुकदमे करते हैं या झूठे पर्चे दर्ज करते हैं, तब ऐसी घटनाएं होती हैं।
इसके अलावा, जो फर्जी एनकाउंटर (फेक एनकाउंटर) किए जाते हैं, जहां किसी को भी पकड़कर मार दिया जाता है और कह दिया जाता है कि वह फलां गैंगस्टर का आदमी था, तब लोग बदला लेने पर उतारू हो जाते हैं। हो सकता है कि जिन दो पुलिसवालों की जान गई है, उनका इसमें कोई लेना-देना न हो, लेकिन जो बदला लेना चाहते हैं, वे यह नहीं देखते कि सामने कौन है। उनके हाथ जो भी आता है, वे अपना गुस्सा निकालते हैं।
इसलिए, पुलिस को चाहिए कि न तो झूठे एनकाउंटर करे और न ही लोगों पर झूठे केस डाले। मीडिया में जो पंजाब पुलिस या अन्य पुलिस बल दावे करते हैं, वे ऐसी वीडियो आने के बाद झूठे साबित होते हैं। शायद वे इस वीडियो को भी सच न मानें, लेकिन मैं मीडिया वालों से कहूंगा कि वे उस पुलिस स्टेशन और इलाके में जाएं और इस खबर को सामने लाएं। मारे गए पुलिसकर्मियों के परिवारों को इंसाफ मिलना चाहिए और उन्हें पता होना चाहिए कि उनके परिजनों के साथ क्या हुआ। पुलिस को झूठे पर्चे, झूठे केस और फर्जी एनकाउंटर करना बंद कर देना चाहिए।
