मोहालीः डेराबस्सी सिविल अस्पताल के डॉक्टर पर हुए हमले को लेकर आज डॉक्टरों और कर्मचारियों ने रोष जताते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान डॉक्टरों और कर्मियों द्वारा ओपीडी सेवाएं बंद कर दी गई। दरअसल, डॉक्टरों का आरोप है कि घटना के कई घंटे बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। हालांकि, मरीजों की सुविधा को देखते हुए इमरजेंसी सेवाएं जारी रखी गई हैं। जानकारी के मुताबिक, सिविल अस्पताल में तैनात एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. जोत नूर शुक्रवार शाम अपनी कार के पास पहुंचे, जो कि जंगलात विभाग कार्यालय के पास पार्क थी। इसी दौरान दो अज्ञात युवक उनके पास पहुंचे और उनका पेशा पूछने लगे। डॉ. जोत नूर द्वारा खुद को डॉक्टर बताने पर दोनों ने कथित तौर पर उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी।
डॉक्टर किसी तरह खुद को बचाकर अपनी कार में बैठ गए, जिसके बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। खास बात यह है कि घटना डेराबस्सी थाना से महज 100 मीटर की दूरी पर हुई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों में भारी रोष है। उनका कहना है कि शिकायत दिए जाने के बावजूद पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने कहा कि यदि ड्यूटी पर जाने वाले डॉक्टर ही सुरक्षित नहीं हैं तो स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है।
डॉक्टरों का कहना है कि स्वास्थ्य कर्मियों पर हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होने से ऐसे लोगों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। उन्होंने मांग की कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। वहीं मामले में थाना प्रभारी सुमित मोर का कहना है कि घटना की शिकायत मिली है। अभी मामले की जांच की जा रही है। पुलिस कानून के अनुसार कार्यवाई करेगी।

