चंडीगढ़ः पंजाब कांग्रेस ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीति गरमा गई है। दरअसल, कांग्रेस ने चुनावों को लेकर नया प्लान तैयार किया है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी संगठन में एकजुटता का संदेश देने और गुटबाजी पर लगाम लगाने के लिए राज्यव्यापी बस यात्रा निकालने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रस्तावित यात्रा पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों को कवर करेगी और इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं व पदाधिकारियों को एक मंच पर लाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और वे स्वयं यात्रा को हरी झंडी दिखा सकते हैं। यह फैसला अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) द्वारा पंजाब में पार्टी की स्थिति को लेकर किए गए हालिया संगठनात्मक आंकलन के बाद लिया गया है।
हाल ही में नई दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व और पंजाब के नेताओं के बीच हुई बैठकों में भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठा था। राहुल गांधी, एआईसीसी महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल और पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल भी कई बार नेताओं को सार्वजनिक विवादों से बचने की नसीहत दे चुके हैं। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश इकाई के नेताओं ने हाईकमान से ऐसा कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की थी, जिससे संगठन की एकता का स्पष्ट संदेश जाए और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़े। प्रस्तावित योजना के तहत बस यात्रा प्रतिदिन 3 से 4 विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेगी।
इस दौरान कांग्रेस नेता स्थानीय लोगों, कार्यकर्ताओं और विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे तथा जमीनी स्तर पर जनता की राय और समस्याओं का फीडबैक भी जुटाएंगे। पार्टी को उम्मीद है कि यह अभियान आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति तैयार करने में भी सहायक साबित होगा। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इस पहल से कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच कांग्रेस की एकजुट छवि पेश करने में मदद मिलेगी। सूत्रों के अनुसार समीक्षा में सामने आया कि प्रदेश कांग्रेस की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक आंतरिक गुटबाजी है। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया कि नेताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर संगठन को मजबूत किया जाए। पिछले कुछ वर्षों में पंजाब कांग्रेस के कई नेताओं के बीच सार्वजनिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले हैं, जिससे पार्टी की छवि प्रभावित हुई।
