चंडीगढ़ः पंजाब में गैंगस्टरों और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। फिरोजपुर के मक्खू इलाके में हुए मशहूर कारोबारी गुरचरण सिंह गाबा की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने 2 मुख्य शूटरों को दबोच लिया है। यह गिरफ्तारी पंजाब पुलिस, फिरोजपुर पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक बेहद खुफिया और जॉइंट ऑपरेशन के दौरान जेएंडके से की गई है। इस बड़ी सफलता की जानकारी खुद पंजाब के पुलिस महानिदेशक ने अपने आधिकारिक ‘X’ हैंडल पर साझा की है।
DGP पंजाब की जानकारी मुताबिक, मक्खू (फिरोजपुर) के गुरचरण सिंह गाबा की हत्या के बाद से ही AGTF की टीमें शूटरों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थीं। पुलिस को पुख्ता इनपुट मिला था कि वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों शूटर पंजाब से भागकर जम्मू-कश्मीर में छिपे हुए हैं। इसके बाद AGTF ने फिरोजपुर पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर एक जाल बिछाया और आरोपियों को चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया। पकड़े गए दोनों शूटर मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं।
गिरफ्तारी के वक्त जब पुलिस टीमों ने दोनों आरोपियों की तलाशी ली, तो उनके पास से एक विदेशी बेरेटा 30 बोर की पिस्टल और 10 जिंदा कारतूस 30 बोर बरामद किए हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन्हें यह अत्याधुनिक विदेशी हथियार किसने मुहैया करवाए थे।
वहीं शुरुआती पूछताछ और जांच में जो खुलासा हुआ है, उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए हैं। पकड़े गए दोनों आरोपी मामूली अपराधी नहीं, बल्कि पेशेवर हिस्ट्रीशीटर हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ राजस्थान और अन्य राज्यों में रंगदारी , लूटपाट, डकैती, चोरी और आर्म्स एक्ट के तहत कई संगीन मामले दर्ज हैं। इनकी हरकतों से तंग आकर राजस्थान पुलिस ने इन पर 10,000 रुपए का इनाम भी घोषित कर रखा था। पुलिस ने इस मामले में थाना मक्खू में नए सिरे से FIR दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। डीजीपी पंजाब ने साफ किया है कि आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि गुरचरण सिंह गाबा की हत्या के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन था और इसके तार किस बड़े गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े हैं।
