जालंधर, ENS: पंजाब विधानसभा द्वारा 1986 में हुए नकोदर गोलीकांड की जांच के लिए गठित सलेक्ट कमेटी की आज यहां हुई बैठक में सुनवाई के मौके पर 2 पूर्व आईएएस अधिकारी पेश हुए। कमेटी के चेयरमैन डॉ. इन्द्रबीर सिंह निज्जर के अनुसार पूर्व मुख्य सचिव रहे रमेश इन्द्र सिंह और दरबारा सिंह गुरु को इस मामले में सहयोग के लिए बुलाया गया था क्योंकि मामला बहुत पुराना होने के कारण पूरा रिकॉर्ड नहीं मिल रहा था। इन पूर्व अधिकारियों ने अपने बयान दर्ज कराए हैं। उन्होंने पूरा सहयोग दिया है और सवालों के खुलकर जवाब दिए।
नकोदर गोलीकांड के समय दरबारा सिंह गुरु जालंधर के डीसी थे और बाद में वे मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के दौरान उनके प्रधान सचिव रहे। निज्जर ने कहा कि सभी पहलुओं से जानकारी हासिल कर नकोदर गोलीकांड की रिपोर्ट जल्द पेश की जाएगी। उल्लेखनीय है कि नकोदर गोलीकांड में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के विरोध प्रदर्शन में शामिल चार सिख युवाओं की पुलिस की गोलीबारी में मौत हो गई थी। पंजाब सरकार ने बेअदबी से जुड़े 2015 के मामलों की जांच तेज करने के लिए एक नई SIT बनाई है।
इस कमेटी का चेयरमैन बठिंडा रेंज के डीआईजी हरजीत सिंह नियुक्त किए गए हैं। इनके साथ मालेरकोटला के एसएसपी गुरमीत सिंह, अमृतसर के एडीसीपी हरपाल सिंह और संगरूर देहाती के डीएसपी दलजीत सिंह को शामिल किया गया है। बेअदबी के लंबित मामलों को भी तेजी से निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। सुखबीर बादल के इर्द-गिर्द घेरा कसा जा रहा है। इससे पहले बेहबल गोलीकांड में पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघवीर सिंह के बयान दर्ज किए जाने के बाद स्वर्गीय बादल के साथ बर्गाड़ी बेअदबी के समय तैनात रहे आईएएस गगनदीप सिंह और भाजपा नेता विजय सांपला से भी पूछताछ शुरू की गई है।
