चंडीगढ़ः पंजाब में पुलिसकर्मियों को निशाना बनाए जाने की हालिया घटनाओं के बाद पुलिस मुख्यालय ने फील्ड में तैनात जवानों की सुरक्षा व्यवस्था को नए सिरे से कसने के निर्देश दिए हैं। पुलिसकर्मियों को एक ही रूट और एक ही वाहन का लगातार इस्तेमाल करने से बचने को कहा गया है। ड्यूटी पर जाने और लौटने की ऐसी नियमित दिनचर्या से भी बचना होगा, जिससे किसी को उनके आने-जाने का पहले से अनुमान लग सके। निजी हथियार और अन्य सुरक्षा उपकरण ले जाते समय भी गोपनीयता और सुरक्षा बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। रवाना होने और गंतव्य पर सुरक्षित पहुंचने की जानकारी संबंधित अधिकारी या कंट्रोल प्वाइंट को देने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। बिना सूचना ड्यूटी प्वाइंट छोड़ने या गैरहाजिरी पर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश भी हैं।
ऐसे में अब पुलिसकर्मियों की सिर्फ ड्यूटी प्वाइंट पर ही नहीं, बल्कि घर से ड्यूटी तक की आवाजाही, रूट, वाहन, हथियार, नाके, रात की चेकिंग और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने को लेकर भी प्रोटोकाल तय किया गया है। सबसे अहम निर्देश यह है कि जहां तक संभव हो पुलिसकर्मी अकेले आवाजाही न करें और बडी पेयर सिस्टम (साथी प्रणाली) के तहत आने-जाने को प्राथमिकता दें। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी निर्देशों में अधिकारियों को इन सुरक्षा उपायों की व्यक्तिगत रूप से ब्रीफिंग करने को कहा गया है, ताकि थानों और निचले स्तर तक तैनात कर्मचारियों को भी इनकी जानकारी हो।
नाके और चेकिंग प्वाइंटों पर तैनाती अब 360 डिग्री सुरक्षा कवरेज को ध्यान में रखकर करने को कहा गया है। सभी पुलिसकर्मी एक ही जगह खड़े न हों, बल्कि आसपास के पूरे क्षेत्र पर लगातार नजर रहे। चेकिंग पार्टी की सुरक्षा के लिए सुरक्षित और मजबूत स्थान पर हथियारबंद संतरी तैनात करने के निर्देश हैं। अज्ञात व्यक्ति और वाहन की जांच के दौरान भी पूरी सावधानी बरतने को कहा गया है। सत्यापन होने तक किसी संभावित सुरक्षा खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
गजटेड अधिकारी और थाना प्रभारी रात में थानों, चौकियों और संवेदनशील ड्यूटी प्वाइंटों की चेकिंग करेंगे। इसमें केवल उपस्थिति देखना पर्याप्त नहीं होगा। संतरी ड्यूटी, हथियार, सुरक्षा इंतजाम और कर्मचारियों की वास्तविक सतर्कता की जांच करनी होगी। ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन का गैर-जरूरी इस्तेमाल, एक जगह एकत्र होना, आपसी बातचीत और किसी भी तरह की लापरवाही से बचने को कहा गया है।
किसी पुलिसकर्मी का पीछा किए जाने, उसकी दिनचर्या की जानकारी जुटाने, संदिग्ध पूछताछ या संभावित निगरानी जैसी गतिविधि सामने आने पर तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देनी होगी। गैंग्स्टर और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में एजीटीएफ तथा नशा तस्करी से जुड़े मामलों में एएनटीएफ के साथ तुरंत सूचना साझा करने के निर्देश हैं। विदेशी संपर्क या संगठित नेटवर्क के संकेत मिलने पर संबंधित विशेष एजेंसियों से तालमेल करने को कहा गया है।