अमृतसरः गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूपों को कंटेनरों के माध्यम से कनाडा के सूरी शहर भेजे जाने के मामले को लेकर ‘आवाज़-ए-कौम’ संगठन के नेताओं ने आज श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचकर जत्थेदार साहिब को मांग पत्र सौंपा। संगठन ने इस मामले को गंभीर बताते हुए इससे जुड़े जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त धार्मिक और कानूनी कार्रवाई की मांग की। संगठन के नेता हरजिंदर सिंह ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूपों को कंटेनरों के माध्यम से विदेश भेजना सिख मर्यादा और सिद्धांतों के विपरीत है।
उन्होंने दावा किया कि इस घटना के कारण सिख कौम में भारी रोष पाया जा रहा है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठन ने जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब से शिकायत करके मांग की है कि इस घटना से जुड़े हर व्यक्ति की जिम्मेदारी तय की जाए और श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सिख संगत श्री अकाल तख्त साहिब के फैसलों को सर्वोच्च मानती है, इसलिए इस मामले में सख्त रुख अपनाना समय की जरूरत है। हरजिंदर सिंह ने दावा किया कि सूरी में 200 से अधिक स्वरूप भेजे गए हैं, जबकि वहां इतनी संख्या में स्वरूपों की आवश्यकता नहीं थी।
उन्होंने कहा कि सूरी के प्रमुख गुरुद्वारों में पहले ही बड़ी संख्या में गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप मौजूद हैं और स्थानीय संगत द्वारा भी इस मामले पर आपत्ति जताई गई है। उन्होंने दावा किया कि लंबे समय तक कंटेनरों में समुद्री रास्ते सफर के दौरान पावन स्वरूपों के सम्मान और मर्यादा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब जी की सुख-आसन और सेवा सिख मर्यादा के अनुसार होनी चाहिए, न कि उन्हें आम माल की तरह कंटेनरों में भेजा जाए। आवाज़-ए-कौम के नेताओं ने कहा कि वे इस मामले में श्री अकाल तख्त साहिब से सख्त हस्तक्षेप की उम्मीद करते हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि संगठन इस मामले को अंत तक उठाता रहेगा।

