लुधियानाः समराला के सिविल अस्पताल में नशा छोड़ने की दवा लेने आए 20 से 25 मरीजों को पुलिस द्वारा हिरासत में ले लिया गया। नशा छोड़ने के इच्छुक या उनके माता-पिता नशा छुड़ाऊ केंद्रों में नशा छुड़ाने की दवा लेने के लिए आते है, जिसे अक्सर जीभ के नीचे रखने वाली गोली कहा जाता है, जिसे मरीज काफी समय से रहे हैं।
लेकिन आज उस समय अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई, जब भारी संख्या में आए पुलिसकर्मियों ने सरकारी अस्पताल में दवा लेने वाले और बाहर एक निजी नशा छुड़ाऊ केंद्र में दवा लेने के लिए खड़े लाइनों में लोगों को हिरासत में ले लिया। इस घटना की खबर इलाके में जंगल की आग की तरह फैल गई। बच्चों को नशा छोड़ने की दवा लेने वालों के माता-पिता, सगे-संबंधी पुलिस स्टेशन में जमा होने शुरू हो गए।
उनका आरोप है कि बिना कारण के पुलिस बच्चों को हिरासत में ले गई और जब वह थाने पहुंचे तो पुलिस कर्मियों का कहना था कि उन्हें पूछताछ के लिए सीआईए स्टाफ भेज दिया गया है। नशा छुड़ाऊ केंद्र की इंचार्ज डॉक्टर नवदीप कौर मांगट ने कहा कि उन्हें भी आज अचानक पता लगा कि बाहर दवा लेने लाइनों में खड़े मरीजों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उधर, स्थानीय डीएसपी प्रीतम पाल सिंह का कहना है कि उन्हें शक है कि यह नशा छोड़ने की दवा लेने वाले बाहर जाकर दवा बेचते हैं। इसलिए पुलिस इस मामले की पूछताछ कर रही है और जो लोग बेगुनाह होंगे उन्हें बाकायदा रिहा कर दिया जाएगा।

