अमृतसरः जिले में आज मेडिकल मार्केट ने हड़ताल कर ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री और सरकार द्वारा लागू किए गए नए नियमों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। गुरु नानक देव अस्पताल के पास मजीठा रोड की मेडिकल मार्केट में कैमिस्टों ने अपनी दूकानें बंद रखकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पत्रकारों से बातचीत में कैमिस्टों ने कहा कि ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री के कारण नशीली दवाइयां बिना जांच के लोगों तक पहुंच रही हैं, जिससे पंजाब का युवा वर्ग प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ नशे के खिलाफ मुहिम चला रही है और दूसरी तरफ ऑनलाइन पोर्टलों के जरिए नशीले पदार्थों में इस्तेमाल होने वाली दवाइयों की बिक्री पर कोई कड़ाई नहीं कर रही।
पंजाब कैमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरिंदर दुग्गल ने कहा कि यह हड़ताल ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ कैमिस्ट्स के आहवान पर की गई है। उन्होंने बताया कि पंजाब में 27 हजार से अधिक कैमिस्ट इससे जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि NDLS सिस्टम और नए ऑनलाइन लाइसेंस प्रोसेस के कारण कैमिस्टों को बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दुग्गल ने कहा कि नए पोर्टल में हर बदलाव के लिए हजारों रुपए की फीस रखी गई है और कैमिस्टों से पुराने शिक्षा प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज फिर जमा कराए जा रहे हैं, जिससे छोटे दुकानदार कठिनाई में हैं।
उन्होंने कहा कि कॉर्पोरेट घरानों के लिए नियम अलग हैं जबकि छोटे कैमिस्टों पर कानूनों का बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगें न मानीं तो आने वाले समय में बड़ा संघर्ष किया जाएगा और कैमिस्ट अपनी दुकानों की चाबियाँ सरकार को सौंपने के लिए मजबूर हो जाएंगे। इस मौके पर रिटेल सेक्शन के अध्यक्ष कुलदीप सिंह ने भी कहा कि ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर दवाइयों की बिक्री बिना पूरी जांच के हो रही है, जिसका बड़े पैमाने पर गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कैमिस्टों को हर दवा का रिकॉर्ड रखना पड़ता है, पर ऑनलाइन बिक्री पर कोई सख्त निगरानी नहीं है।
