मोगाः इंडिया गठबंधन से संबंधित राजनीतिक दलों तथा सिविल सोसायटी मोगा के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं द्वारा आज मोगा शहर में केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान सैकड़ों लोगों ने हाथों में तिरंगे झंडे, बैनर और तख्तियां लेकर रोष मार्च निकाला तथा मुख्य चौक मोगा पहुंचकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका। जिला कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम तथा सिविल सोसायटी मोगा की ओर से विशाल एकत्रता की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों के चेहरों पर केंद्र सरकार की नीतियों तथा कथित तौर पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को प्रभावित किए जाने के खिलाफ रोष स्पष्ट दिखाई दे रहा था।
इस अवसर पर इंडिया गठबंधन से संबंधित राजनीतिक दलों और सिविल सोसायटी मोगा के नेताओं हरी सिंह खाई, कुलदीप सिंह भोला, सुरजीत सिंह गगड़ा और प्रीती त्यागी ने संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह देश को बर्बादी की ओर ले जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा देश की संवैधानिक संस्थाओं, जिनमें सर्वोच्च न्यायालय और चुनाव आयोग जैसी संस्थाएं शामिल हैं, पर दबाव बनाया जा रहा है और अपनी मर्जी के फैसले करवाए जा रहे हैं। आगुओं ने कहा कि देश को कथित तौर पर तानाशाही की ओर धकेला जा रहा है, जिसे देश की जनता स्वीकार नहीं करेगी।
उन्होंने दावा किया कि इसी के विरोध में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर रहे हैं और 10 अक्टूबर को देश के युवाओं के नेतृत्व में दिल्ली की सड़कों पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तत्काल इस्तीफा दें, चुनाव आयुक्तों के चयन की पहले वाली प्रक्रिया बहाल की जाए तथा एसआईआर को रद्द किया जाए। नहरू पार्क से सैकड़ों लोगों का काफिला मुख्य चौक मोगा की ओर रवाना हुआ। लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबे इस रोष मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।
प्रदर्शनकारी हाथों में तिरंगे, बैनर और विभिन्न मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर चल रहे थे। रोष मार्च के मुख्य चौक मोगा पहुंचने पर वहां जोरदार नारेबाजी की गई और प्रदर्शनकारियों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। इस मौके पर सिविल सोसायटी मोगा के नेता महेंद्र पाल लूंबा ने विरोध प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस, सीपीआई और सीपीएम सहित सभी संगठनों एवं लोगों का प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने अपील की कि जो लोग 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर, दिल्ली पहुंच सकते हैं, वे वहां पहुंचकर इस आंदोलन का हिस्सा बनें।
इस अवसर पर कांग्रेस नेता डा. मालती थापर, मालविका सूद सच्चर, विनोद बांसल, साथी विजय कुमार, लाभ सिंह आहलूवालिया, परमिंदर डिंपल, डा. पवन बांसल, उपिंदर सिंह गिल, जगसीर सिंह कालेके, कर्नल बाबू सिंह, सीपीआई नेता कामरेड जगजीत सिंह धूड़कोट, शेर सिंह सरपंच, गुरदित्त सिंह दीना, गुरमीत सिंह वांदर, डा. इंद्रवीर गिल, महेंद्र सिंह धूड़कोट, इंजीनियर स्वर्ण सिंह खोसा, सिकंदर सिंह मधेके, मुकंद सिंह कुस्सा, गुरनाम सिंह माहला, जगसीर सिंह खोसा, कामरेड जसप्रीत कौर बधनी सहित सीपीएम से सचिन वडेरा, राम किशन, हरदेव सिंह बड्डूवाल, सुखदेव सिंह, मेजर सिंह चहल और गुरिंदर सिंह मौजूद रहे। इसके अलावा सिविल सोसायटी मोगा की ओर से मनिंदर सिंह बेदी, अमरदीप अनेजा, प्रितपाल सिंह लक्की, तेजा सिंह बराड़ सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
