बंगालः पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले के एक प्रमुख आरोपी प्रभास मंडल की मुठभेड़ में मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि आरोपी को क्राइन सीन रीक्रिएशन के लिए ले जाया गया था, जहां आरोपी ने पुलिस की पिस्तौल छीन कर फायरिंग कर दी। इस दौरान जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी मारा गया।
पुलिस ने बताया कि मारा गया आरोपी रेप केस मामले का प्रमुख संदिग्ध था। घटना से पहले वह पीड़िता के साथ सीसीटीवी फुटेज में भी दिखाई दिया था, जिसके आधार पर उसे मामले का अहम आरोपी माना जा रहा था। फिलहाल पुलिस ने मुठभेड़ और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है।
घटना बारुईपुर थाना क्षेत्र के धपधपी-2 पंचायत के सूर्यपुर हाट की है। पीड़िता शनिवार शाम घर से खाने का सामान खरीदने निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। रविवार सुबह घर के पास एक तालाब से उसका शव बरामद हुआ। उसी रात सीसीटीवी फुटेज में चार लोग नाबालिग को अपने साथ ले जाते दिखाई दिए। घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया।
11 वर्षीय नाबालिग की हत्या के मामले में प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने घटना की हैवानियत की पुष्टि की। रिपोर्ट के अनुसार पीड़िता के शरीर पर गंभीर चोटों, यौन उत्पीड़न और शारीरिक यातनाओं के स्पष्ट संकेत मिले हैं।
पीड़िता के सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किया गया था। इसके बाद उसे बोरी में भरकर तालाब में फेंक दिया गया। रिपोर्ट में उल्लेख है कि तालाब में फेंके जाने के समय वह जीवित थी। सिर पर गहरे घाव, शरीर पर खरोंच और काटने के निशान मिले हैं। गुप्तांगों पर भी गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार पानी शरीर के भीतर जाने से फेफड़ों और पेट में सूजन आ गई थी और मौत डूबने से हुई।

