अमृतसरः श्री गुरु रामदास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पिछले 12 वर्षों में विकास और आधुनिकीकरण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू कर उत्तर भारत का एक महत्वपूर्ण हवाई हब बन गया। भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (AAI) की जारी जानकारी के मुताबिक, साल 2013-14 के मुकाबले जहां एयरपोर्ट के जरिए 10.34 लाख यात्रियों ने यात्रा की थी, वहीं 2024-25 में यह संख्या बढ़ कर 35.25 लाख तक पहुंच गई है। इसी तरह जहाजों की आवाजाही भी 10,487 से बढ़कर 23,261 हो गई है। एयरपोर्ट डायरेक्टर भुपिंदर सिंह ने बताया कि हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे में बड़े पैमाने पर सुधार किए गए हैं। वर्ष 2017 में रनवे को CAT-III तकनीक से अपग्रेड किया गया, जिससे कम दृश्यता वाले मौसम में भी जहाजों की आवाजाही संभव हो सकी है।
इसके अलावा 2022 में विस्तार कर पार्किंग बेस की संख्या 15 से बढ़ाकर 25 कर दी गई है। कार पार्किंग को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में अधिकारी ने कहा कि टर्मिनल के सामने वाला क्षेत्र पार्किंग नहीं बल्कि केवल पीक एंड ड्राप लेने का है। उन्होंने बताया कि वहां 8 मिनट से अधिक वाहन खड़ा करने की अनुमति नहीं है और नियम उल्लंघन करने वालों पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए नया लेनिंग सिस्टम भी तैयार किया जा रहा है, जिससे ट्रैफिक और भी सुगम होगा। एयरपोर्ट डायरेक्टर ने कहा कि अमृतसर हवाई अड्डा इस समय 9 घरेलू और 8 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के जरिए देश और विदेश के साथ सीधी कनेक्टिविटी प्रदान कर रहा है।
उन्होंने बताया कि हवाई अड्डे के पास 3658 मीटर लंबा रनवे, 25 पार्किंग बेस और प्रति घंटे 14 विमान की आवाजाही संभालने की क्षमता मौजूद है। उनके अनुसार, अवसंरचना की कोई कमी नहीं है, लेकिन इस समय एयरलाइन कंपनियों के पास विमानों की कमी के कारण नई उड़ानें शुरू करने में रुकावट आ रही है। नंदेड साहिब और पटना साहिब के लिए सीधी उड़ानें कराने को लेकर पूछे गए सवाल पर भूपिंदर सिंह ने कहा कि इस बारे में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आकाश एयर के साथ अमृतसर से जयपुर एयरपोर्ट (नोएडा) के लिए कनेक्टिविटी को लेकर बातचीत चल रही है। इमीग्रेशन काउंटरों पर भीड़ और इंतजार के मामलों के बारे में उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे पर 10 इमीग्रेशन काउंटर और अलग ई-वीजा काउंटर मौजूद हैं, जो यात्रियों की आवाजाही के लिए काफी हैं।
किसी भी यात्री को घंटों इंतजार नहीं करना पड़ता और यदि कभी तकनीकी खराबी आ जाती है तो यात्रियों के लिए पानी, बैठने और अन्य आवश्यक सुविधाओं का तुरंत प्रबंध किया जाता है। हवाई अड्डे पर डिजिटल यात्रा, फ्लाईब्रैरी, बच्चों का क्षेत्र और उड़ान यात्री कैफे जैसी आधुनिक सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। इसके साथ ही 483 किलोवाट क्षमता वाला सोलर पावर प्लांट और एलईडी लाइटिंग प्रणाली पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में हवाई अड्डे की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण के अनुसार, श्री गुरु रामदास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट आज पंजाब के पर्यटन, धार्मिक यात्रा और आर्थिक विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है और विश्वभर में बसते पंजाबियों के लिए एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय गेटवे के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।
