संगरूरः पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सतोज गांव में भूमिगत बिजली आपूर्ति की पायलट परियोजना की आधारशिला रखी। इस दौरान उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाने साधे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए देश की आर्थिक स्थिति, महंगाई, तेल की कीमतें, लोकतंत्र और मतदाता सूची के मुद्दों पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने देश को “अघोषित लॉकडाउन” की ओर धकेल दिया है और लोगों से अर्थव्यवस्था की असली हालत छिपाई जा रही है।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि देश के लोगों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि भारत के तेल, गैस और सोने के भंडारों की असल स्थिति क्या है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को सच्चाई छुपाने की बजाय सार्वजनिक रूप से सारे आंकड़े लोगों के सामने रखने चाहिए ताकि नागरिक देश की मौजूदा आर्थिक हालत को समझ सकें। महंगाई और तेल की कीमतों के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने केंद्र को घेरा। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों तक तेल की कीमतों को जानबूझकर स्थिर रखा गया और जैसे ही चुनाव खत्म हुए, लोगों पर प्रति लीटर तीन रुपये का अतिरिक्त बोझ डाल दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि खाड़ी देशों में बने हालातों को ढाल बनाकर आम लोगों पर महंगाई का दबाव बढ़ाया जा रहा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि देश में ऐसे हालात बन रहे हैं जहाँ लोगों को वर्क फ्रॉम होम के लिए प्रेरित किया जा रहा है, विदेश यात्राओं से बचने की सलाह दी जा रही है, पर दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद विदेशी दौरों में व्यस्त हैं। उन्होंने इसे दोहरे मापदंड करार देते हुए कहा कि नेताओं के फैसलों का नुकसान आम लोगों को नहीं उठाना चाहिए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने तंजिया अंदाज़ में कहा कि अगर प्रधानमंत्री खुद देश की आर्थिक स्थिति और विदेश नीति के बारे में जानकारी नहीं दे सकते तो वे अपने दोस्त अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इस बारे में पूछ सकते हैं।
मतदाता सूचियों की विशेष तीव्र शोधन (एस.आइ.आर.) प्रक्रिया के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में यह प्रक्रिया 15 जून से शुरू होगी और आम आदमी पार्टी के सभी वॉलंटियरों को चौकस रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो किसी असली मतदाता का नाम हटने दिया जाएगा और न ही किसी नकली मतदाता को सूची में शामिल होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हाल के समय में कई स्थानों पर फर्जी मतदाता जोड़ने और असली मतदाताओं के नाम हटाने की शिकायतें आई हैं, लेकिन पंजाब में ऐसी किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र का गला घोंटने वाली हर कोशिश का डटकर विरोध किया जाएगा।
राजनीतिक मामलों पर बात करते हुए भगवंत सिंह मान ने आम आदमी पार्टी के सात राज्य सभा सदस्यों के भाजपा से जुड़ने के मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पंजाब में भाजपा के सिर्फ दो विधायक हैं, फिर भी सात राज्य सभा सदस्य होना “लोकतंत्र का सीधा कत्ल” है। उन्होंने बताया कि इस मामले से संबंधित राष्ट्रपति को भी अवगत कराया गया है और कार्रवाई की मांग की गई है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने जागत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (सोध) एक्ट, 2026 के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि यह कानून श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करने वालों को कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है और इससे दुनियाभर की सिख संगत की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता, मान-मर्यादा और सत्कार की रक्षा के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि गुरबाणी सर्वजन के भले का संदेश देती है और इसकी पवित्रता को बनाए रखना हर किसी की साझा जिम्मेदारी है।
