मोहालीः पंजाब में आवारा कुत्तों का कहर जारी है। वहीं आवारा को लेकर सीएम भगवंत मान ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए एक्स पर पोस्ट कर मुहिम चलाने की जानकारी दी। सीएम मान ने लिखा पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करती है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पंजाब सरकार बच्चों और राहगीरों की जान के लिए खतरा बने लावारिस और जानलेवा कुत्तों को खत्म करने के लिए एक बड़ी मुहिम शुरू करने जा रही है। इससे पहले 10 मार्च 2026 को पंजाब -चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग ने इस मामले सुओ मोटो लेकर पंजाब के नगर निगम कमिश्नरों और स्वास्थ्य विभाग से कुत्तों को काटने के केसों के संबंध में रिपोर्ट मांगी थी।
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बता दें कि पंजाब में 2025 में डॉग बाइट के 3.34 लाख मामले रिपोर्ट हुए थे जबकि 2026 में अब तक 50 हजार से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। पंजाब -चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग के चेयरपर्सन जस्टिस संत प्रकाश और सदस्य जस्टिस गुरबीर सिंह पर आधारित आयोग ने जालंधर, लुधियाना, पटियाला और संगरूर के नगर निगम कमिश्नरों सहित निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग पंजाब को नोटिस जारी कर कुत्तों के काटने के मामलों की रिपोर्ट पेश करने को कहा था। आयोग ने कहा था कि 2025 के 3.34 लाख मामलों में ही अगर पीड़ितों को मुआवजा दिया जाता है तो सूबा सरकार पर 2 हजार करोड़ रुपए से अधिक का वित्तीय बोझ पड़ेगा।
अकेले संगरूर जिले में ही नगर कौंसिल को 10 करोड़ रुपए का खर्च उठाना पड़ सकता है। हेल्थ विभाग पंजाब के आंकड़ों के अनुसार पिछले 5 सालों में पंजाब में कुत्तों के काटने के मामले तीन गुना बढ़े हैं। साल 2020 में जहां 1 लाख 10 हजार 472 मामले दर्ज थे, वहीं यह बढ़कर 2021 में 1 लाख 26 हजार 842 हो गए। इसी तरह साल 2022 में 1 लाख 65 हजार 133 मामले रिकॉर्ड हुए और 2023 में भी यह आंकड़े 1 लाख 65 हजार 133 ही दर्ज किए गए। इसके बाद 2024 में यह मामले बढ़कर 2 लाख 13 हजार 521 हुए और 2025 में रिकॉर्ड तोड़ 3 लाख 34 हजार 736 तक पहुंच गए। 2026 की बात करें तो अब तक पंजाब में 5 महीने में 50 हजार से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
