मोहालीः एयरोसिटी के ए-ब्लाॅक में निर्माणाधीन निजी अस्पताल की साइट पर मिट्टी ढहने से 2 मजदूरों की मौत को लेकर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की। पुलिस ने कंस्ट्रक्शन कंपनी सहित 4 दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। जांच के बाद साइट मैनेजर हरिंदर सिंह, लेबर मैनेजर राम बाबू, प्रोजेक्ट मैनेजर राजेश चौहान और कंस्ट्रक्शन कंपनी को दोषी बनाया गया है। पुलिस के अनुसार सभी दोषी फिलहाल फरार हैं। बता दें कि हादसा वीरवार रात करीब साढ़े 8 बजे उस समय हुआ था, जब निर्माणाधीन साइट पर साइड की दीवार के साथ लगी मिट्टी का एक हिस्सा अचानक ढह गया। मजदूरों ने आरोप लगाया था कि जहां निर्माण कार्य चल रहा था, वहां भारी वाहन खड़ा किया गया था, जिससे मिट्टी खिसक गई।
इसकी चपेट में साइट पर और उसके आसपास काम कर रहे 4 मजदूर आ गए थे। मिट्टी के नीचे दबने से 2 मजदूरों उदयवीर और ओमिंदर की मौके पर ही मौत हो गई थी। दोनों उत्तर प्रदेश के बदायूं के रहने वाले थे। वहीं डीएसपी सिटी-2 हरसिमरन सिंह बल ने बताया कि हादसे की जांच के दौरान निर्माण कार्य में लापरवाही सामने आने के बाद दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। हादसे में दो मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि एक मजदूर घायल हुआ था। वहीं, डिप्टी कमिश्नर कोमल मित्तल ने हादसे को लेकर गमाडा और पुलिस से अलग-अलग जांच करवाने के निर्देश दिए हैं।
डीसी ने पुलिस को जांच करने के निर्देश दिए थे कि हादसे के पीछे कान्ट्रैक्टर या हॉस्पिटल अथॉरिटी की ओर से किसी तरह की लापरवाही तो नहीं हुई। जांच में चूक सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने को कहा गया था। डीसी ने गमाडा को निर्माणाधीन अस्पताल के लिए जारी की गई बिल्डिंग परमिशन की जांच करने के साथ यह भी देखने को कहा है कि निर्माण के दौरान किसी बिल्डिंग बायलॉज या अन्य निर्माण नियमों का उल्लंघन तो नहीं किया गया। गमाडा अपनी जांच रिपोर्ट डीसी को सौंपेगा। नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

