नई दिल्ली: नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से अहम फैसला लिया गया है। NHAI ने अपने सभी डिजिटल लोकल पास सर्विस को एक्सपैंड कर दिया है। ये सर्विस अब पूरे देश में 121 टोल प्लाजा पर मिलेगी। इस सर्विस का फायदा उठाकर टोल प्लाजा के आस-पास रहने वाले लोग अपना मंथली पास बनवा पाएंगे। इससे उनको बार-बार टोल देने की जरुरत ही नहीं पड़ेगी। इसके अलावा जो भी यूजर्स इसके लिए एलिजिबल होंगे वो राजमार्ग ऐप के जरिए इस पास को बनवा पाएंगे। इससे उनको टोल प्लाजा से गुजरने के लिए कोई भी टोल ही नहीं देना पड़ेगा। इसके अलावा यूजर्स को एक निश्चित अमाउंट देना पड़ेगा।
इन लोगों के लिए होगा पास
इस पास को 20 किलोमीटर की रेंज में रहने वाले लोग अप्लाई कर पाएंगे। बता दें कि यह नॉन कमर्शियल वाहनों के लिए ही वैलिड होगा। वेरिफिकेशन का पूरा प्रोसेस भी ऑनलाइन होगा। डिजिलॉकर का इस्तेमाल करके एड्रेस की डिटेल्स कंफर्म, वाहन, डेटाबेस के जरिए व्हीकल की जानकारी और लिंक्ड फास्टैग की डिटेल्स भी कंफर्म करनी पड़ेगी।
पहले इस प्रक्रिया के लिए कम्यूटर्स को टोल प्लाजा जाना पड़ता था और फिजिकल डॉक्यूमेंट्स देने पड़ते थे। अब इस पूरी प्रक्रिया को आप ऑनलाइन कर पाएंगे। इसके लिए आपको राजमार्ग ऐप इस्तेमाल करना पड़ेगा।
कितना देना पड़ेगा चार्ज
नेशनल हाईवे यूजर्स फीस नियम के अंतर्गत इस लोकल पास के लिए 350 रुपये की फीस देनी पड़ेगी। ये फीस नॉन कमर्शियल व्हीक्लस के लिए होगी। टोल गेट पर क्लियरेंस के लिए पास होना भी जरुरी है। इससे एलिजिबल कम्यूटर्स आसानी से टोल प्लाजा को पास कर पाएंगे। इसके अलावा डिजिटल लोकल पास को लागू करना मल्टी लेन फ्री फ्लो और बैरियर लेस टोलिंग सिस्टम की ओर से एक औऱ कदम है। इसके अंतर्गत लोगों को टोल प्लाजा पर रुकने की कोई भी जरुरत नहीं होगी। MLFF को पहली बार जुलाई 2026 में दिल्ली के मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा पर शुरु किया गया था।

