पठानकोटः गांव कटारूचक्क में पहुंची ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की टीमों ने जिले के 5 ठिकानों पर रेड की। इस दौरान करीब 16 घंटे तक टीम ने जांच की। बीते दिन ईडी ने पठानकोट के 2 बड़े स्टोन क्रशर कारोबारियों के घर, दफ्तर और क्रशर यूनिटों के अलावा तारागढ़ स्थित एक प्रॉपर्टी डीलर एवं पूर्व सरपंच के घर पर छापेमारी की थी। इस दौरान टीमों ने लेन-देन, इंपोर्ट-एक्सपोर्ट और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। वहीं, देर रात ईडी की टीम कैबिनेट मंत्री लाल चंद के गांव कटारूचक्क पहुंची, जहां मंत्री के करीबी के घर पर भी जांच की गई। टीम ने करीब एक घंटे तक रिकॉर्ड खंगाले। हालांकि, ईडी अधिकारियों ने पूरे मामले को लेकर मीडिया से दूरी बनाए रखी और यह स्पष्ट नहीं किया कि किस मामले की जांच के तहत यह कार्रवाई की गई है।
ईडी की यह कार्रवाई बेहद गोपनीय और सख्त रही। छापेमारी के दौरान क्रशर मालिकों और उनके परिवार के सदस्यों को घर से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। वहीं, किसी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने या किसी को बाहर आने की इजाजत नहीं थी। सुरक्षा के लिए घरों और दफ्तरों के बाहर सीआरपीएफ के जवान तैनात रहे। कार्रवाई की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ईडी अधिकारियों ने दोपहर और रात का भोजन भी बाहर से मंगवाकर परिसर के अंदर ही किया और जांच जारी रखी। वहीं, सियाली रोड पर जोन होटल के पास स्थित एक क्रशर कारोबारी के दफ्तर में भी ईडी ने जांच की।
जब मीडिया ने अंदर जाकर अधिकारियों से जानकारी लेने की कोशिश की, तो उन्होंने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया और दफ्तर का दरवाजा बंद कर दिया। जांच टीम में महिला अधिकारी भी शामिल थीं। ईडी की कार्रवाई का मुख्य केंद्र शहर के सियाली रोड और शाह कॉलोनी स्थित दो बड़े क्रशर कारोबारी रहे। इसके अलावा, कारोबारियों के नरोट जैमल सिंह और दतियाल स्थित स्टोन क्रशर यूनिटों पर भी छापेमारी कर रिकॉर्ड खंगाले गए। वहीं, तारागढ़ में एक प्रॉपर्टी डीलर के घर पर भी ईडी ने जांच की।
बताया जा रहा है कि वह पहले कांग्रेस से जुड़ा था और सरकार बनने के बाद ‘आप’ में शामिल हो गया था। तारागढ़ में ‘आप’ के पूर्व सरपंच के यहां रिकॉर्ड खंगालने और पूछताछ के बाद ईडी की टीम शाम को सुरक्षा बलों के साथ पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक्क के गांव कटारूचक्क पहुंची। टीम ने वहां पूर्व सरपंच के एक रिश्तेदार और करीबी से पूछताछ की। ईडी की इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर पूरी गोपनीयता बरती गई। इस संबंध में जब पठानकोट के एसएसपी दलजिंदर सिंह ढिल्लों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि ईडी एक केंद्रीय जांच एजेंसी है और इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय पुलिस को कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
