डी-एडिक्शन सेंटर चलाने वाला निकला हथियार तस्करी का आरोपी
अमृतसरः पंजाब सरकार की ऑर्गनाइज्ड क्राइम के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कमिश्नरेट पुलिस ने सीमा पार से चल रहे अवैध हथियार तस्करी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 अत्याधुनिक पिस्टल और 40 कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि सभी हथियार पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये तरनतारन क्षेत्र में पहले से निर्धारित स्थानों पर गिराए जाते थे। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान तरनतारन के सराणा (सुरसिंह) गांव के रहने वाले सुरजीत सिंह और गुलबाग सिंह बाठ के रूप में हुई है।
सुरजीत सिंह पहले से ही एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में फरार चल रहा था, जिसमें 5,000 नशीली गोलियां बरामद हुई थीं। पुलिस ने खुलासा किया कि दूसरा आरोपी गुलबाग सिंह सुल्तानविंड स्थित भाई मंझ सिंह रोड पर एक डी-एडिक्शन सेंटर चला रहा था। पुलिस को शक है कि इस सेंटर की आड़ में अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था। इस संबंध में सिविल सर्जन की टीम के साथ मिलकर रिकॉर्ड की जांच की जा रही है और फंडों के स्रोतों की भी वित्तीय जांच शुरू कर दी गई है। बरामद हथियारों में एक 9 एमएम ग्लॉक पिस्टल, एक तुर्की निर्मित .30 बोर पिस्टल, एक विशेष रूप से मॉडिफाइड .30 बोर पिस्टल, एक चीनी निर्मित .30 बोर पिस्टल और एक पाकिस्तानी निर्मित .30 बोर पिस्टल सहित कुल सात हथियार शामिल हैं।
इसके अलावा 40 जिंदा .30 बोर कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि प्रारंभिक जांच से सामने आया है कि आरोपी पाकिस्तान आधारित तस्करों से सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड एप्लीकेशन्स के जरिये संपर्क में थे। संचार के लिए व्हाट्सएप, सिग्नल और Zangi जैसी ऐप्स का उपयोग किया जाता था। उन्होंने कहा कि जांच अभी जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इससे पहले कितनी बार हथियारों या नशीले पदार्थों की खेप मंगवाई गई थी और यह हथियार किन लोगों तक पहुंचाए जाने थे। साथ ही अन्य डी-एडिक्शन सेंटरों की भूमिका को भी जांच के दायरे में लाया जा रहा है।

